एनसीआर के दूरस्थ इलाकों के लिए विकास और प्रतिबंध के बीच सामंजस्य बिठाने की तैयारी
विकास के खुलेंगे द्वार प्रतिबंध होंगे कम

सत्य खबर हरियाणा
NCR Regional Plan 2041 : एनसीआर क्षेत्र में शामिल 100 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के इलाके विकास से अछूते रहे लेकिन इन पर एनसीआर के प्रतिबंध लागू होते रहे। ऐसे में यह लोग खुद को एनसीआर से बाहर करने की मांग करने लगे। इनमें हरियाणा के पांच जिले जिनमें जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी, करनाल और चरखी दादरी शामिल थे को एनसीआर से बाहर करने की मांग होने लगी। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की पिछली बैठक में इन जिलों को एनसीआर से बाहर करने की मांग स्वीकार नहीं हो पाई।

एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अध्यक्षता करने वाले केंद्रीय शहरी आवासन मंत्री मनोहर लाल ने इस बात को अच्छे से समझा कि इन जिलों को एनसीआर से बाहर करने की मांग इसलिए हो रही है क्योंकि इन्हें विकास के नाम पर कुछ नहीं मिला और प्रतिबंध झेलने पड़ रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए अब एनसीआर को तीन क्षेत्र में बांटे जाने की बात आ रही है।
दिल्ली-NCR के लिए तैयार किए जा रहे ‘रीजनल प्लान 2041’ में बड़े बदलावों का खाका सामने आया है। प्रस्ताव के दिल्ली NCR को 3 अलग-अलग जोन में बांटा जा सकता है। इसके पीछे की मंशा क्षेत्र के विकास और प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी।
रीजनल प्लान 2041 के तहत NCR को 3 अलग-अलग जोन में बांटने का प्रस्ताव है। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें सेंट्रल (कोर) NCR, मिडिल NCR और आउटर NCR जैसे क्षेत्र शामिल हो सकते हैं। सेंट्रल कोर में राजघाट से 50 किलोमीटर के रेडियस का क्षेत्र शामिल होगा। 50 से लेकर 100 किलोमीटर के रेडियस का क्षेत्र मध्य जोन में आएगा। 100 से ऊपर का क्षेत्र आउटर जोन में शामिल किया जाएगा। इसका मकसद दिल्ली और उसके आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों तथा दूर के जिलों के लिए अलग-अलग विकास और नियामकीय ढांचा तैयार करना है।
प्रस्ताव के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण समेत कुछ सख्त प्रतिबंध केवल दिल्ली और उससे सटे कोर NCR क्षेत्रों में लागू रह सकते हैं। वहीं राजधानी से दूर वाले मिडिल और आउटर NCR के जिलों को इन नियमों में छूट मिल सकती है। इससे दूर-दराज के जिलों में इंडस्ट्री, आवास और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बजट में भी अलग-अलग प्रावधान
एनसीआर के विकास के लिए मिलने वाले बजट में भी इसके बाद तीन हिस्से किए जाएंगे। यह जरूरी नहीं है कि तीनों हिस्से बराबर होंगे, लेकिन इतना जरूर है कि तीनों को विकास के लिए पैसा मिलेगा। जिस जोन के लिए पैसा आएगा वह पैसा उसी जोन में खर्च किया जाएगा।
अगले 15 सालों में 15 करोड़ पहुंच सकती NCR की आबादी
आबादी को लेकर मनोहर लाल खट्टर ने जो आंकड़े दिए हैं वो ध्यान खींचने वाले हैं। मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान में NCR की आबादी करीब 7.5 करोड़ है, जो अगले 15 सालों में बढ़कर 15 करोड़ तक पहुंच सकती है। अनुमान है कि 2031 तक क्षेत्र की 57 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहेगी, जबकि 2041 तक यह आंकड़ा 67 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
नमो सिटीज और 30 मिनट NCR प्लान
सरकार ने चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का भी फैसला लिया गया। इन्हें ‘नमो नोड्स’ या ‘नमो सिटीज’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये की राशि जारी की जाएगी और राज्यों से प्रस्ताव मांगकर चयन किया जाएगा। रीजनल प्लान 2041 में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क और तेज परिवहन व्यवस्था का भी प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य दिल्ली और प्रमुख एनसीआर शहरों के बीच यात्रा समय को 30 मिनट तक सीमित करना है।
रीजनल प्लान 2041 के मसौदे पर राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि करीब दो महीने बाद फिर बैठक होगी, जिसके बाद योजना को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
#HaryanaDevelopment #NCRBalance #SustainableGrowth #UrbanPlanning #RuralDevelopment #SmartCities #InfrastructureDevelopment #CommunityEngagement #EnvironmentalSustainability #RegionalPlanning #HaryanaGovernment #FutureReady #BalancedDevelopment #NCRInitiatives #LocalEconomy #PublicPolicy #SmartGrowth #UrbanRuralLinkage #DevelopmentGoals #HaryanaProgress