Operation Sindoor पर लोकसभा में शुरू होगी विशेष बहस! क्या बदलेगा भारत की आतंकवाद नीति का चेहरा?

सोमवार से लोकसभा में ‘Operation Sindoor’ और पहलगाम आतंकी हमले पर विशेष चर्चा की शुरुआत हो रही है। इस बहस के लिए 16 घंटे का समय तय किया गया है और ये चर्चा तीन दिन तक चल सकती है। लोकसभा सचिवालय ने इस मुद्दे को “भारत के सशक्त, सफल और निर्णायक ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा” के रूप में सूचीबद्ध किया है। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई दिग्गज नेता हिस्सा लेंगे।
पीएम मोदी के हस्तक्षेप की उम्मीद
हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है लेकिन यह उम्मीद जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बहस में हस्तक्षेप कर सकते हैं। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पूरे देश में उत्सुकता है क्योंकि इसे एक निर्णायक सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। यह बहस भारत की आतंकवाद नीति की दिशा और उसके अंतरराष्ट्रीय संदेश को भी स्पष्ट करेगी।

विपक्ष की रणनीति और ट्रंप का दांव
विपक्ष भी इस बहस को लेकर पूरी तैयारी में है। खबर है कि वे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को मुद्दा बना सकते हैं जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की बात कही थी। हालांकि भारत सरकार ने साफ किया है कि ऑपरेशन रोके जाने का निर्णय पाकिस्तान के सैन्य संपर्क के बाद ही लिया गया था। यह बहस इस बात को लेकर भी रोचक होगी कि विपक्ष सरकार पर किस तरह का दबाव बनाता है।
अंतरराष्ट्रीय मंच से लौटे सांसद भी होंगे शामिल
हाल ही में भारत के कई सांसद 33 देशों की राजधानियों में जाकर भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को पेश कर चुके हैं। वे भी इस चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं जिससे लोकसभा की बहस को एक अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण भी मिल सकता है। यह इस बात को भी दर्शाएगा कि भारत कैसे वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ अपने दृष्टिकोण को मज़बूती से रखता है।
मानसून सत्र का गतिरोध अब टूटेगा?
मानसून सत्र की शुरुआत से ही संसद में भारी राजनीतिक उथल-पुथल देखी गई है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को लेकर विवाद ने सत्र के पहले सप्ताह को बाधित किया। विपक्ष ने शुरू से ही ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग की थी जिसे अब मंजूरी मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलेगी। हालांकि बिहार की मतदाता सूची में अनियमितता को लेकर विपक्ष का विरोध अब भी बरकरार है।