बिहार चुनाव में AIMIM की धमाकेदार जीत, ओवैसी ने सीमांचल के लिए नितीश को समर्थन का दिया भरोसा

बिहार विधानसभा चुनाव में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने न केवल एनडीए बल्कि विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा था। इस चुनाव में उनकी पार्टी ने सीमान्चल क्षेत्र में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए पांच सीटें जीतीं। इस सफलता के बाद ओवैसी ने सीमान्चल का दौरा कर वहां के लोगों का धन्यवाद किया और बिहार सरकार को सपोर्ट करने की बात कही, लेकिन शर्त यह रखी कि लंबे समय से उपेक्षित सीमान्चल क्षेत्र को उसका हक मिले।
सीमान्चल की उपेक्षा पर ओवैसी का ऐतराज
अमर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि विकास केवल पटना और राजगीर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “हम नीतीश कुमार की सरकार का समर्थन करने को तैयार हैं, लेकिन सीमान्चल को न्याय मिलना चाहिए।” ओवैसी ने सरकार से आग्रह किया कि पटना और राजगीर के साथ-साथ सीमान्चल की समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा, “कितनी देर तक सब कुछ पटना और राजगीर के इर्द-गिर्द घूमता रहेगा? सीमान्चल में नदी के कटाव, व्यापक पलायन और बढ़ती भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याएं हैं। सरकार को इन मुद्दों को सुलझाना होगा।”

सीमान्चल क्षेत्र की खासियत और चुनाव परिणाम
बिहार के पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थित सीमान्चल मुस्लिम आबादी का मुख्य केंद्र है और यह राज्य के सबसे पिछड़े इलाकों में से एक है। इस बार एनडीए ने सीमान्चल की 24 सीटों में से 14 पर कब्जा जमाया, लेकिन ओवैसी की AIMIM ने अपनी पकड़ बरकरार रखते हुए पांच सीटें जीत लीं, जो 2020 के मुकाबले भी बराबर प्रदर्शन है। इस क्षेत्र में AIMIM की बढ़ती लोकप्रियता ने राजनीतिक समीकरणों को नया रूप दे दिया है।
विधायक कार्यालयों की मॉनिटरिंग का अनोखा तरीका
ओवैसी ने अपने पांचों MLAs को कड़ी हिदायत दी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रीय कार्यालयों में सप्ताह में दो बार बैठें और अपनी लाइव व्हाट्सएप लोकेशन के साथ फोटो भेजें। इससे उनकी उपस्थिति की पुष्टि होगी। उन्होंने कहा कि इस कार्य को छह महीने के भीतर शुरू करने की योजना है और वह खुद भी हर छह महीने में एक बार क्षेत्र का दौरा करेंगे। यह कदम AIMIM की जवाबदेही और पारदर्शिता को दर्शाता है।
विपक्ष को ओवैसी की सलाह
बिहार चुनाव में विपक्ष की हार के बाद ओवैसी ने विपक्षी दलों को भी सलाह दी। उन्होंने कहा, “मैं बिहार के लोगों का आभारी हूं। खासकर मैंने शुरुआत से ही कहा था कि RJD बीजेपी को रोक नहीं पाएगा। आप मेरी भाषण सुन सकते हैं। आज भी मैं बिहार में उन लोगों से अपील करता हूं जिनके मन में ‘एमवाई’ (मुस्लिम और यादव) गठबंधन को लेकर गलतफहमी है।” ओवैसी का यह बयान आगामी राजनीतिक लड़ाइयों के लिए एक मजबूत इशारा है।