NCORD बैठक में अमित शाह का बड़ा संदेश, बोले- अगले तीन साल तय करेंगे नशे पर किसकी जीत होगी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए देशभर में नशे और ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान की समीक्षा की। गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित इस बैठक में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य ड्रग्स नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना था।
‘अगले तीन साल बेहद अहम’, अधिकारियों को दिया स्पष्ट संदेश
अमित शाह ने राज्यों के पुलिस प्रमुखों और अधिकारियों से कहा कि आने वाले तीन वर्ष बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यही समय तय करेगा कि नशा समाज पर हावी होगा या देश नशे के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल करेगा। गृह मंत्री ने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज, युवाओं, धार्मिक नेताओं और मातृशक्ति को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक स्थिरता और देश के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।

तकनीक के सहारे बढ़ रहा ड्रग्स नेटवर्क, अपनानी होगी नई रणनीति
गृह मंत्री ने कहा कि ड्रग्स तस्कर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं। ऐसे में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी टेक्नोलॉजी आधारित रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, जबकि नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास और उपचार के लिए संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने बड़े मामलों में वित्तीय जांच को भी अनिवार्य बताते हुए विशेष अदालतों के गठन पर जोर दिया ताकि मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके।
एक दिन में 12,500 करोड़ की ड्रग्स नष्ट, 2047 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य
अमित शाह ने बताया कि पूरे देश में एक ही दिन में लगभग 12,500 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स नष्ट की गई है। इस अवसर पर नशामुक्त भारत के लिए तैयार विजन डॉक्यूमेंट भी जारी किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ नशामुक्त भारत का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। इसके लिए ‘Detect, Disrupt और Destroy’ की रणनीति पर काम किया जाएगा ताकि ड्रग्स के पूरे नेटवर्क और उसके सरगनाओं को पूरी तरह खत्म किया जा सके। गृह मंत्री के अनुसार, वर्ष 2014 से 2026 के बीच NDPS कानून के तहत लगभग 8.75 लाख मामले दर्ज किए गए हैं और करीब 11 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है।