Manoj Tiwari के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी का खुलासा, साइबर पुलिस में केस दर्ज

उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद और लोकप्रिय भोजपुरी गायक Manoj Tiwari ने उनके नाम और पहचान का दुरुपयोग कर बनाई गई एक फर्जी फेसबुक आईडी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मनोज तिवारी ने इस मामले को एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने यह शिकायत नई दिल्ली जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है। सांसद का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी छवि खराब करने की साजिश रची जा रही है। यह मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और सोशल मीडिया जगत में हलचल मच गई है।
सोशल मीडिया पर दी सार्वजनिक चेतावनी
Manoj Tiwari ने शनिवार 31 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपने समर्थकों और आम जनता को सतर्क किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनका आधिकारिक फेसबुक अकाउंट ब्लू टिक से वेरिफाइड है और इसके अलावा उनके नाम से चल रहे किसी भी अन्य अकाउंट पर भरोसा न किया जाए। उन्होंने आशंका जताई कि फर्जी अकाउंट के जरिए भ्रामक और गलत जानकारियां फैलाई जा सकती हैं जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंच सकता है। बताया जा रहा है कि फर्जी अकाउंट का नाम “Monoj Tiwari BJP” रखा गया है जो आम लोगों को भ्रमित कर सकता है।

नाम फोटो और वीडियो का अवैध इस्तेमाल
दिल्ली पुलिस में दी गई शिकायत में Manoj Tiwari ने आरोप लगाया है कि फर्जी फेसबुक आईडी पर उनके नाम के साथ-साथ उनकी तस्वीरों और वीडियो का भी बिना अनुमति के इस्तेमाल किया जा रहा है। इस अकाउंट के जरिए जनता को गुमराह करने वाले संदेश साझा किए जा रहे थे। सांसद का कहना है कि यह पूरी गतिविधि उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी पहचान का इस तरह से दुरुपयोग होना न केवल व्यक्तिगत बल्कि सार्वजनिक हित का भी गंभीर मामला है।
अब तक गिरफ्तारी नहीं पुलिस जांच जारी
Manoj Tiwari के अनुसार उन्होंने 22 जनवरी को ही नई दिल्ली में इस साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक फर्जी आईडी चलाने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है। इस बात को लेकर उन्होंने नाराजगी भी जाहिर की है कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले को गंभीर साइबर अपराध मानते हुए दिल्ली पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66C यानी पहचान की चोरी और भारतीय न्याय संहिता की धारा 356(3) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच के जरिए फर्जी अकाउंट बनाने वाले व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही मामले में ठोस कार्रवाई की जाएगी।