सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका-भारत व्यापार को लेकर हुई पहली उच्चस्तरीय बैठक

अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने गुरुवार को नई दिल्ली का अचानक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ एक लंच मीटिंग की। बैठक में मुख्य रूप से व्यापार और आर्थिक साझेदारी पर चर्चा हुई। यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को अमान्य करार दिया था।
व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा
अमेरिका के भारत स्थित राजदूत सर्जियो गोर और पीयूष गोयल ने इस बैठक की जानकारी अलग-अलग सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी। सर्जियो ने अपनी पोस्ट में लिखा, “हॉवर्ड लुटनिक और पीयूष गोयल के साथ बहुत उत्पादक लंच मीटिंग हुई। हमारे दोनों देशों के लिए सहयोग के कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई।” वहीं, पीयूष गोयल ने लिखा, “हमने व्यापार और आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने पर एक बेहद उपयोगी और विस्तृत चर्चा की।” यह बैठक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोनों देशों के बीच पहली उच्च स्तरीय चर्चा रही।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर
अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने बताया कि दोनों पक्षों ने अमेरिका और भारत के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। हालांकि विभाग के प्रवक्ता ने इस बैठक के और विवरण साझा नहीं किए। यह बैठक भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय पर हुई। 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के व्यापक टैरिफ लगाने के फैसले को अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों अधिनियम के तहत अमान्य कर दिया था।
नए टैरिफ और भविष्य की योजनाएं
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के सिर्फ 24 घंटे बाद ट्रंप ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत नया 10% वैश्विक टैरिफ लगाया और इसे कानूनन अधिकतम 15% तक बढ़ाने की योजना की घोषणा की। यह 10% टैरिफ सभी ट्रेडिंग पार्टनर्स पर पहले से लागू MFN दरों के अतिरिक्त लागू होगा। दोनों देशों ने इस बैठक में आपसी व्यापार सहयोग, संभावित निवेश और आर्थिक साझेदारी के नये अवसरों पर भी चर्चा की। इस दौरे को भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों में नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।