पूर्व केंद्रीय मंत्री Suresh Kalmadi का लंबे इलाज के बाद पुणे में निधन

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता Suresh Kalmadi का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। सुरेश कलमाड़ी के पार्थिव शरीर को दोपहर दो बजे तक पुणे के एरंडवणे स्थित कलमाड़ी हाउस में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद शाम साढ़े तीन बजे नवी पेठ के वैकुंठ श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुणे से उनका गहरा नाता रहा और यहीं से उन्होंने राजनीति और सामाजिक जीवन की लंबी यात्रा शुरू की थी। उनके निधन के साथ ही एक ऐसा अध्याय समाप्त हो गया जिसने भारतीय राजनीति और खेल प्रशासन दोनों में गहरी छाप छोड़ी।
केंद्रीय मंत्री से खेल प्रशासक तक का सफर
Suresh Kalmadi ने कांग्रेस सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में काम किया। उन्होंने वर्ष 1995 से 1996 के दौरान पीवी नरसिंह राव सरकार में मंत्री पद संभाला था। इसी दौरान वे रेल राज्य मंत्री रहे और रेलवे बजट भी पेश किया। हालांकि उन्हें असली पहचान भारतीय खेल जगत के एक ताकतवर प्रशासक के रूप में मिली। खेल प्रशासन में उनकी भूमिका इतनी प्रभावशाली रही कि लंबे समय तक वे इस क्षेत्र में निर्णायक माने गए। उन्होंने नीतिगत फैसलों से लेकर अंतरराष्ट्रीय आयोजनों तक भारत की मौजूदगी को मजबूत करने की कोशिश की। राजनीति में रहते हुए भी खेल संगठनों पर उनकी पकड़ बनी रही, जिससे वे लगातार चर्चा में रहे।

सेना से राजनीति तक की यात्रा
पुणे में जन्मे Suresh Kalmadi ने अपने करियर की शुरुआत देश सेवा से की थी। उन्होंने शुरुआती साठ के दशक में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश लिया और बाद में भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में शामिल हुए। वायुसेना में उन्होंने छह साल तक सेवा दी और इसके बाद एनडीए में दो साल तक प्रशिक्षक के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने 1965 और 1971 के भारत पाकिस्तान युद्धों में भी हिस्सा लिया। सेना से रिटायरमेंट के बाद उनका जीवन एक नया मोड़ लेने वाला था। देश सेवा की पृष्ठभूमि ने उन्हें अनुशासन और नेतृत्व का अनुभव दिया जो आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन में भी दिखा।
Pune, Maharashtra | Former Union Minister and Senior Congress leader Suresh Kalmadi passed away after a prolonged illness. He was admitted in Deenanath Mangeshkar hospital in Pune. His mortal remains will be kept at Kalmadi House, Erandwane, Pune till 2 pm and cremation will take…
— ANI (@ANI) January 6, 2026
राजनीति में प्रवेश और विवादों से जुड़ा दौर
Suresh Kalmadi का राजनीति में प्रवेश संजय गांधी के जरिए हुआ। उस समय वे पुणे में एक फास्ट फूड आउटलेट चलाते थे। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस की कमान संभाली और 1982 में राज्यसभा सांसद बने। 1996 में वे भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष बने और लगातार दो कार्यकाल तक निर्विरोध चुने गए। हालांकि उनके करियर का एक बड़ा हिस्सा विवादों से भी जुड़ा रहा। कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़े कथित घोटाले में उनका नाम सामने आया और उनके घर पर सीबीआई ने छापेमारी भी की। हालांकि पिछले साल अदालत ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया था। विवादों के बावजूद सुरेश कलमाड़ी भारतीय राजनीति और खेल प्रशासन का एक चर्चित और प्रभावशाली नाम बने रहे।