बकरीद की रात गाजियाबाद में हत्या का रहस्य अब कई जिलों तक फैला चौंकाने वाला कनेक्शन

गाजियाबाद में बकरीद के दिन हुई सूर्य प्रताप सिंह की हत्या ने शुरुआत में स्थानीय विवाद का रूप लिया था। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई, इस मामले ने एक बड़ा और जटिल रूप ले लिया। शुरुआती अनुमान गलत साबित हुए और जांच की दिशा कई जिलों तक फैल गई। पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि यह वारदात अचानक हुई या इसके पीछे कोई सुनियोजित योजना थी। इस केस ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।
फरहान और आतिफ की भूमिका पर पुलिस की नजर
जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग पीलीभीत से मिले, जहां शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बुजकसावान में रहने वाले दो युवकों फरहान और आतिफ के नाम सामने आए। पुलिस ने इन दोनों को इस हत्याकांड में नामजद किया है। जांच में उनकी संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि इनकी गतिविधियां सीधे तौर पर इस हत्या से जुड़ी हो सकती हैं और इनसे पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

चाकू सप्लाई से लेकर साजिश तक का शक गहराया
पुलिस जांच में सामने आया है कि फरहान पर सबसे गंभीर आरोप है कि उसने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू उपलब्ध कराया था। इसी आधार पर उसे इस पूरे मामले में अहम आरोपी माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह केवल एक अचानक हुई घटना नहीं लगती, बल्कि इसके पीछे एक योजनाबद्ध साजिश हो सकती है जिसमें कई लोगों की भूमिका संभव है। इस खुलासे के बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
पीलीभीत में गुपचुप दबिश और गिरफ्तारी
गाजियाबाद पुलिस ने लोकेशन ट्रेस करने के बाद पीलीभीत में दबिश दी और दोनों आरोपियों के घरों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने स्थानीय लोगों और परिजनों से भी पूछताछ की। पूरी कार्रवाई गोपनीय तरीके से की गई ताकि जांच प्रभावित न हो। देर शाम पुलिस ने फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हलचल मच गई।
आपराधिक पृष्ठभूमि और आगे की जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि फरहान के परिवार का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके पिता व ताऊ पहले भी गंभीर मामलों में जेल जा चुके हैं। वहीं आतिफ का परिवार पहले बैंड का काम करता था लेकिन आर्थिक तंगी के चलते अब मजदूरी करता है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस हत्या में और लोग शामिल थे या यह केवल कुछ युवकों की साजिश थी। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में लगी हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।