23 जनवरी पर PM मोदी ने बालासाहेब ठाकरे और नेताजी को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

आज 23 जनवरी, शिवसेना के संस्थापक और महाराष्ट्र की राजनीति के एक प्रभावशाली नेता बालासाहेब ठाकरे की 100वीं जयंती है। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाल ठाकरे को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बालासाहेब ठाकरे के साथ अपनी पुरानी तस्वीरें साझा करते हुए उन्हें एक तेज बुद्धि वाले, उत्कृष्ट वक्ता और अडिग विश्वास वाले नेता के रूप में याद किया। मोदी ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे का महाराष्ट्र की सामाजिक और राजनीतिक दिशा पर गहरा प्रभाव पड़ा और उनकी दूरदर्शिता आज भी लोगों को प्रेरित करती है।
PM मोदी का बालासाहेब ठाकरे के लिए सम्मान और उनकी खासियतें
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर लिखा, “महान बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी पर हम एक ऐसी महान हस्ती को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने महाराष्ट्र के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य को गहराई से प्रभावित किया। तेज बुद्धि, उत्कृष्ट वक्तृत्व कला और अडिग विश्वास से संपन्न बालासाहेब का जनता के साथ एक अनूठा रिश्ता था। राजनीति के अलावा, बालासाहेब को संस्कृति, साहित्य और पत्रकारिता से गहरा लगाव था। एक कार्टूनिस्ट के रूप में उनका करियर उनके समाज के तीखे निरीक्षण और निर्भीक टिप्पणियों का प्रमाण है। हम महाराष्ट्र के विकास के लिए उनकी दृष्टि से गहराई से प्रेरित हैं और हमेशा इसे पूरा करने का प्रयास करेंगे।”

बसंत पंचमी के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के शुभकामना संदेश
बालासाहेब ठाकरे की जयंती के साथ-साथ आज बसंत पंचमी का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “बसंत पंचमी के इस शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई। यह पर्व प्रकृति की सुंदरता और दिव्यता को समर्पित है। मैं सभी के लिए माँ सरस्वती की कृपा की कामना करता हूं, जो ज्ञान और कला की देवी हैं। उनकी कृपा से हर किसी के जीवन में ज्ञान, बुद्धि और विवेक का प्रकाश सदैव बना रहे।”
नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी प्रधानमंत्री मोदी का श्रद्धांजलि
23 जनवरी का दिन स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती भी है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने हमेशा मुझे गहराई से प्रेरित किया है। उनके जीवन से हमें साहस और पराक्रम का अर्थ समझने को मिलता है। पराक्रम दिवस हमें यही याद दिलाता है कि सबसे बड़ा पराक्रम वह है जो दूसरों के जीवन की रक्षा करे। जो जीवन लेता है वह नायक नहीं, बल्कि जो जरूरतमंदों को जीवन देता है वही नायक होता है। वर्ष 2021 में हमारी सरकार ने नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में घोषित किया है।”