अमित शाह को मिली बंगाल की कमान, CM चेहरे पर सस्पेंस बरकरार

पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब दोनों राज्यों में सरकार गठन की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। चुनावी नतीजों के बाद पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर तेजी से फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि नेतृत्व चयन से लेकर शपथ ग्रहण तक की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। पार्टी का फोकस इस समय मजबूत और स्थिर सरकार बनाने पर है, ताकि चुनावी वादों को तेजी से जमीन पर उतारा जा सके।
बंगाल में अमित शाह को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाने जा रही बीजेपी ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए राज्य की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंप दी है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के चयन और सरकार गठन की पूरी प्रक्रिया उनकी निगरानी में होगी। यह फैसला पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि बंगाल में पहली बार सत्ता में आना बीजेपी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। शाह की रणनीतिक पकड़ और अनुभव को देखते हुए पार्टी नेतृत्व इस प्रक्रिया को बेहद सावधानी और मजबूती के साथ आगे बढ़ाना चाहता है।

असम में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से प्रक्रिया तेज
वहीं असम में भी सरकार गठन को लेकर गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक की नियुक्ति कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पर्यवेक्षक बनाया गया है, जो विधायक दल की बैठक में नेतृत्व चयन की प्रक्रिया को संचालित करेंगे। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों नेता मिलकर विधायक दल के नेता के चयन को अंतिम रूप देंगे और सरकार गठन की प्रक्रिया को सुचारू बनाएंगे।
हिमंत बिस्वा सरमा का बयान, विकास पर जोर
असम के केयरटेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस जीत के लिए राज्य की जनता का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के विश्वास का प्रतीक है। सरमा ने भरोसा दिलाया कि असम में विकास की गति को और तेज किया जाएगा और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना सरकार की पहली प्राथमिकता होगी और विकास की गंगा निरंतर बहती रहेगी।