Red Fort Blast: देश में बढ़ी असुरक्षा या राजनीति का नया मोड़? Mufti के बयान पर BJP का पलटवार

Red Fort Blast: देश की राजनीति में सोमवार को नया विवाद तब खड़ा हो गया जब पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट की कड़ी को कश्मीर की स्थिति से जोड़ दिया। उनके इस बयान के बाद बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि महबूबा मुफ़्ती सुरक्षा की विफलताओं पर सवाल उठाने के बहाने हमले को अंजाम देने वालों को परोक्ष रूप से सही ठहराने की कोशिश कर रही हैं। महबूबा ने कहा कि राजधानी में हुआ धमाका पूरे देश में बढ़ती असुरक्षा की भावना और केंद्र की जम्मू-कश्मीर नीति की नाकामी को दर्शाता है। वहीं, बीजेपी ने इसे सिरे से खारिज करते हुए महबूबा पर “आतंकियों के समर्थन” का आरोप लगाया।
बीजेपी का पलटवार: ‘आतंकियों को बचाने की कोशिश’
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर महबूबा मुफ़्ती पर सीधा हमला बोला। उन्होंने लिखा, “जिस महबूबा मुफ़्ती ने आतंकवादी बुरहान वानी का समर्थन किया था, वही आज लाल किले के हमलावरों को भी सही ठहराने की कोशिश कर रही हैं। वह कहती हैं कि ‘हिंदू-मुस्लिम नफ़रत आतंकवाद का कारण है’—यह सीधे-सीधे आतंकियों की पैरवी है।” भंडारी ने विपक्ष पर भी चोट करते हुए सवाल किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला इंडिया गठबंधन क्यों बार-बार ऐसे बयानों के जरिए आतंकवाद को वैध ठहराने की कोशिश करता है? बीजेपी ने मांग की कि विपक्ष स्पष्ट करे कि क्या वह राष्ट्रीय सुरक्षा मसलों पर आतंक के खिलाफ एकजुट खड़े होने को तैयार है या नहीं।

महबूबा मुफ़्ती का बयान: ‘कश्मीर की गूंज लाल किले तक पहुँच गई’
रेड फोर्ट धमाके पर प्रतिक्रिया देते हुए महबूबा मुफ़्ती ने कहा, “आपने दुनिया को बताया कि कश्मीर में सब कुछ ठीक है, लेकिन कश्मीर की समस्याओं की गूंज अब लाल किले के बाहर सुनाई दे रही है। आपने जम्मू-कश्मीर को सुरक्षित बनाने का वादा किया था, लेकिन आपकी नीतियों ने दिल्ली को भी असुरक्षित बना दिया।” उन्होंने आगे कहा कि यदि एक पढ़ा-लिखा युवा डॉक्टर खुद को और दूसरों को उड़ाने के लिए RDX बांध लेता है, तो इसका मतलब है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ‘हिंदू-मुस्लिम राजनीति’ के जरिए वोट तो हासिल कर रहा है, लेकिन इससे देश किस दिशा में बढ़ रहा है, यह कहीं गंभीर चिंता का विषय है।
‘विभाजनकारी राजनीति राष्ट्रीय सुरक्षा पर भारी’ — मुफ़्ती का आरोप
महबूबा मुफ़्ती ने आगे कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से अधिक आज देश में ध्रुवीकरण को तवज्जो दी जा रही है। उनके अनुसार, “दिल्ली के लोग समझ नहीं पा रहे कि जितना हिंदू-मुस्लिम विभाजन बढ़ेगा, उतना ही खून-खराबा भी बढ़ेगा, और जितना खून-खराबा बढ़ेगा, कुछ लोग उतनी ज़्यादा राजनीति करेंगे। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि देश कुर्सियों से बड़ा है।” उन्होंने दावा किया कि कश्मीर के युवाओं को खतरनाक रास्ते पर धकेलने में भी देश के अंदर फैला ज़हरीला माहौल जिम्मेदार है। वहीं, बीजेपी ने इसे देश को बदनाम करने और आतंक को वैध ठहराने की कोशिश बताया। कुल मिलाकर, इस पूरे विवाद ने राष्ट्रीय सुरक्षा, राजनीतिक बयानबाज़ी और कश्मीर नीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।