भारत पाकिस्तान आतंकवाद पर अमेरिका विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बड़ा बयान

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर एक अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से पाकिस्तान को लेकर चिंतित रहता है, खासकर उन आतंकवादी संगठनों को लेकर जो पाकिस्तान की धरती से सक्रिय होकर भारत को निशाना बनाते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान से जुड़े मामलों में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर भारत ने कोई आपत्ति या शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इस बयान को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत दौरे पर मार्को रुबियो की अहम कूटनीतिक बातचीत
मार्को रुबियो इस समय चार दिन के भारत दौरे पर हैं और उन्होंने सोमवार (25 मई 2026) को मीडिया से बातचीत की। वह मंगलवार को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे। बातचीत के दौरान उनसे यह सवाल पूछा गया कि क्या भारत ने ईरान मामले में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर कोई चिंता जताई है। इस पर उन्होंने कहा कि भारत का मुख्य फोकस हमेशा आतंकवाद और पाकिस्तान की धरती से संचालित आतंकी गतिविधियों पर रहा है, लेकिन ईरान मामले में ऐसी कोई आपत्ति सामने नहीं आई है।

भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर दिया जोर
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को अमेरिका का एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और आने वाले समय में यह साझेदारी और भी गहरी हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका दोनों ही वैश्विक स्तर पर अलग-अलग देशों के साथ संबंध रखते हैं और यह सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया है। इसके बावजूद भारत-अमेरिका रणनीतिक रिश्तों पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, बल्कि सहयोग और बढ़ेगा।
पाकिस्तान की भूमिका और वैश्विक कूटनीति में बदलाव
इस समय पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक गतिविधियों में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में हुए अस्थायी युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका अहम रही है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ईरान का दौरा भी किया, जिससे क्षेत्रीय कूटनीति में नई हलचल देखी गई है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उसने युद्धविराम में सकारात्मक योगदान दिया है। ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी सकारात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत अमेरिका का विश्वसनीय साझेदार है और दोनों देशों के रिश्ते आगे और मजबूत होंगे।