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बेटी ने 10km तक एयरबैग में मुंह से हवा भरकर बचाई माँ की जान

अम्बाला में 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हालत ख़राब होने पर मुलाना एमएम अस्पताल से छावनी नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया. परिजन उसे निजी एंबुलेंस से लेकर जा रहे थे तभी सिलिंडर से ऑक्सीजन गैस खत्म हो गई. निजी एंबुलेंस चालक और अन्य लोगों ने उम्मीद छोड़ दी तो साथ जा रही बुजुर्ग महिला की बेटी ने हिम्मत दिखाई और मां को बचाने के लिए सारी ताकत झोंक दी. उसने करीब 10 किलोमीटर तक ऑक्सीजन एयर बैग में मुंह से हवा भरती रही और पहुचने के बाद ही राहत की साँस ली.

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लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती,इस बात को एक बेटी ने साबित कर दिया है. मिली जानकारी के मुताबिक नारायणगढ़ के गधौली गांव निवासी रोशनी देवी (62) की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने उन्हें दो दिन पहले मुलाना अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां पर उनका इलाज चल रहा था. सोमवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मुलाना अस्पताल से हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया. परिजन उन्हें एक निजी एंबुलेंस में लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में महिला की सांसें उखड़ने लगी.

 

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एंबुलेंस चालक ने बताया की सिलिंडर में आक्सीजन खत्म हो गई है. इतना सुनते ही बेटी ने हिम्मत दिखाते हुए मां को बचाने के लिए बेटी ने करीब 10 किलोमीटर तक ऑक्सीजन एयर बैग में मुंह से हवा भरती रही. निजी एंबुलेंस चालक और अन्य लोगों ने उम्मीद छोड़ दी.लेकिन बेटी ने हिम्मत नही हारी और अस्पताल पहुँचने एयर बैग में हवा भरती रही.

 

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जिसे देखकर एंबुलेंस चालक और स्वास्थ्यकर्मी भी हतप्रभ रह गए.छावनी नागरिक अस्पताल पहुंचने पर पहले बुजुर्ग महिला को आक्सीजन दी गई. उसके बाद डाक्टरों ने सरकारी एंबुलेंस से महिला को पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रवाना कर दिया. बेटी के इस काम की हर कोई तारीफ कर रहा है.

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