Rice Scam : DFSC राजेश आर्य पर गिरी गाज कुरुक्षेत्र में 5000 करोड़ के धान घोटाला CBI जांच की मांग
Rice Scam : DFSC राजेश आर्य पर गिरी गाज कुरुक्षेत्र में 5000 करोड़ के धान घोटाला CBI जांच की मांग

Rice Scam : प्रदेश के करनाल और कुरुक्षेत्र में धान घोटाले को लेकर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। कुरुक्षेत्र के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) राजेश आर्य को सरकार ने उनके पद से हटा दिया है। इस मामले में बता दे की सरकार ने उनकी जगह यमुनानगर के को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है लेकिन राजेश आर्य को भी कुरुक्षेत्र में ही रखा गया है लेकिन उन्हें DFSO के रूप में पदावनत किया गया है।
राजेश आर्य कुरुक्षेत्र में धान खरीद के समय काफी चर्चा में रहे थे और किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने राजेश आर्य को थप्पड़ भी जड़ दिया था। भाकियू का कहना है कि यह 5000 करोड रुपए का घोटाला है और इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। सरकार के आदेशों के अनुसार राजेश आर्य कुरुक्षेत्र में ही रहेंगे, जांच चलने तक उन्हें कुरुक्षेत्र में ही DFSO लगाया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजेश आर्य फिर से चर्चा में आ गए।
5 हजार करोड़ घोटाले के आरोप
भाकियू के प्रवक्ता राकेश बैंस ने 5 हजार करोड़ धान के घोटाले के आरोप लगाए है। उन्होंने CBI से मामले की जांच की मांग की है। बताया कि पूरे प्रदेश में 5 हजार करोड़ से ज्यादा का धान घोटाला हुआ है। इसमें 2500 करोड़ के घोटाले के सबूत भाकियू सरकार तक पहुंचा चुकी है। राकेश बैंस ने कहा कि इस मामले में तुरंत FIR दर्ज होनी चाहिए। उसके बाद मामले की जांच करनी चाहिए। अगर धान घोटाले में राजेश आर्य का कोई रोल है, तो उनके खिलाफ भी FIR दर्ज हो। थप्पड़ कांड के बाद भाकियू लगातार राजेश आर्य को हटाने की मांग कर रही थी।

पोर्टल पर दर्ज ब्योरा, खरीद ज्यादा कैसे
भारतीय किसान यूनियन पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने बताया कि सरकारी पोर्टल मेरी फसल मेरा ब्योरा पर दर्ज डेटा से ज्यादा धान की खरीद की गई, जबकि इस बार बारिश, बाढ़ की वजह से धान को काफी नुकसान भी हुआ। फिर भी जिला कुरुक्षेत्र में खरीद में रिकॉर्ड बना दिया। प्रिंस वड़ैच ने बताया कि जिला कुरुक्षेत्र में धान का गैर बासमती PR धान का कुल 3,15,039 एकड़ रकबा है। इस बार बारिश, बाढ़, हल्दी रोग और फिजी वायरस से 81,095 एकड़ फसल प्रभावित हुई है, जो कि क्षतिपूर्ति पोर्टल पर वेरिफाइड भी है। इसके अलावा 40% धान की पैदावार कम हुई। उन्होंने बताया कि जिला कुरुक्षेत्र में हर सीजन औसतन उत्पादन प्रति एकड़ 32 से 35 क्विंटल पैदावार रहती है, मगर इस बार 18 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ पैदावार हुई। उसके बावजूद पिछले सीजन के करीब 3% खरीद कम हुई।
राजेश आर्य पर आरोप
कुरुक्षेत्र में फर्जी गेट पास कटवाने के आरोप लगे हैं। साथ ही मिलर्स को गेट पास काटने के लिए अपना यूजर आईडी और पासवर्ड देने का आरोप भी लगाया गया है।
6 मार्केट कमेटी सचिव हो चुके चार्जशीट
इससे पहले जिला कुरुक्षेत्र के 6 मार्केट कमेटी के सचिव को चार्जशीट किया गया है। इसमें थानेसर मार्केट कमेटी के सचिव हरजीत सिंह, पिहोवा कमेटी के सचिव बलवान सिंह, शाहाबाद कमेटी के सचिव कृष्ण मलिक, पिपली कमेटी के सचिव गुरमीत सिंह, इस्माइलाबाद कमेटी के चंद्र सिंह और लाडवा के संत कुमार पर गाज गिरी थी।