खेती-बाड़ीताजा समाचारवायरलहरियाणा

हरियाणा में ओलावृष्टि से सब्जियों, पशु-चारे और सरसों में नुकसान

कुछ दिन और ठंड रही तो गेहूं की फसल में आ सकता है रतुआ रोग

Satyakhabarindia

सत्य खबर हरियाणा

Agriculture : हरियाणा में कल नारनौल, भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, अंबाला समेत कई जगह बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। कुछ स्थानों पर छोटे ओले गिरे हैं। जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि से सफेद चादर बिछ गई है। ओलावृष्टि से सब्जियों को और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। पशुओं के चारे को भी ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि नुकसान का आकलन अगले 2 से 3 दिन में हो पाएगा।

बुधवार को भिवानी में किसानों ने बताया कि कल बारिश के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई। जिससे किसानों की सरसों की फसलों में नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि इस समय सरसों की फसल में पीले फूल आ चुके हैं। ओलावृष्टि और तेज हवाओं की वजह से सरसों के फूल झड़े हैं, जिसका फसल उत्पादन पर असर पड़ेगा। वहीं, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जिन इलाकों में ओलावृष्टि की सूचनाएं हैं, वहां फिलहाल नुकसान का आंकलन बाद में हो पाएगा।

अंबाला के पिलखनी गांव के किसान करमजीत सिंह ने बताया कि उनके गांव में कई किसानों ने पशुओं के चारे की खेती की थी। अब बारिश और ओलावृष्टि के बाद वह सारी फसल बर्बाद हो गई हैं। ओले और पानी के कारण फसल खेत में बिछ गई है, जिससे जानवरों को चारा देना मुश्किल हो गया है। करमजीत सिंह ने बताया कि उनकी पांच एकड़ जमीन पर लगी सरसों की फसल पहले ही आधी खराब हो चुकी थी। दोबारा बारिश के बाद अब यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। किसान सरकार से मांग कर रहे हैं कि उन्हें मुआवजा दिया जाए।

कांग्रेस को बड़ा झटका, कमल दीवान ने सोनीपत से चुनाव लड़ने से किया इनकार

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि यह बारिश रबी फसलों के लिए वरदान साबित होगी। इससे गेहूं, सरसों और चना की फसल को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ जिलों में हुई हल्की ओलावृष्टि से सरसों की फसल को नुकसान की आशंका है। वहीं यदि बारिश और नमी वाला मौसम लंबे समय तक बना रहा, तो गेहूं में पीला रतुआ रोग का खतरा बढ़ सकता है। जनवरी में इससे पहले भी दो बार बारिश हो चुकी है। पहली बारिश माह की शुरुआत में और दूसरी 23 जनवरी को हुई थी, जिससे फसलों को लाभ मिला। जनवरी के पहले दो दिनों में 16.8 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और बारिश की संभावना फिलहाल बेहद कम है।

एचएयू के गेहूं विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ओपी बिश्नोई ने बताया कि इस समय गेहूं में बाली नहीं निकली है और लंबे समय तक ठंड का बना रहना पैदावार के लिए लाभकारी होता है। जनवरी में हुई अच्छी बारिश का सकारात्मक असर गेहूं की पैदावार पर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि दिसंबर माह में बारिश नहीं होने के कारण गेहूं को नुकसान की आशंका बन रही थी, जिसे जनवरी की बारिश ने काफी हद तक पूरा कर दिया है। बारिश से गेहूं, चना और सरसों सहित सभी रबी फसलों को फायदा होगा। डॉ. बिश्नोई ने बताया कि कुछ क्षेत्रों से ओलावृष्टि की रिपोर्ट भी सामने आई है। वर्तमान अवस्था में ओलावृष्टि से गेहूं को नुकसान नहीं होता, लेकिन सरसों की फसल में इस समय फलियों में दाना बन चुका है। तेज ओलावृष्टि होने की स्थिति में सरसों को नुकसान हो सकता है।

ऐसा मौसम लंबा चला तो पीला रतुआ की आशंका

प्रवेश वाही बने बीजेपी के मेयर प्रत्याशी जानिए उनकी राजनीतिक कहानी
प्रवेश वाही बने बीजेपी के मेयर प्रत्याशी जानिए उनकी राजनीतिक कहानी

डॉ. ओपी बिश्नोई ने बताया कि यदि बारिश और नमी वाला मौसम लंबे समय तक बना रहा, तो गेहूं में पीला रतुआ रोग की आशंका बढ़ जाती है। इसका असर हिमाचल प्रदेश से सटे जिलों में अधिक देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि एचएयू द्वारा विकसित नई किस्मों में पीला रतुआ नहीं आता है, लेकिन जिन किसानों ने पुरानी किस्मों की बुवाई की है, उन्हें विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

सब्जियों के नुकसान का असर दो-तीन दिन बाद दिखेगा

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. कुलदीप श्योराण ने बताया कि बारिश से सामान्य तौर पर सब्जियों को नुकसान नहीं होता है। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है, वहां कुछ नुकसान की संभावना है, लेकिन अभी फील्ड से पूरी रिपोर्ट नहीं मिली है। आमतौर पर नुकसान का असर दो से तीन दिन बाद दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि गाजर, मूली और पालक जैसी सब्जियों पर असर कम रहेगा, जबकि टमाटर, मिर्च, बैंगन और गोभी की फसल को अधिक नुकसान हो सकता है।

अमृतपाल सिंह को पुलिस रिमांड में भेजा अजनाला केस में बड़ा मोड़ आया
अमृतपाल सिंह को पुलिस रिमांड में भेजा अजनाला केस में बड़ा मोड़ आया

#Hailstorm #Haryana #VegetableDamage #FodderLoss #MustardCrop #AgricultureInPeril #WeatherImpact #StormDamage #FarmersAffected #CropLoss #SevereWeather #SustainableFarming #HailImpact #RuralDevastation #SeasonalStorms #FarmRecovery #NaturalDisasters #ClimateChange #HailstormImpact

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button