झज्जर पुलिस मुठभेड़ को पुलिस ने माना तथ्यों की भूल, दोनों गिरफ्तार युवक रिहा
लोगों ने मुठभेड़ को बताया था फर्जी, खाप मिली थी सीएम से

सत्य खबर हरियाणा
Fake encounter : झज्जर पुलिस द्वारा 15 जनवरी की रात को एक कथित एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किए गए दोनों युग को नितेश और रोहित को रिहा कर दिया गया है। अदालत में पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को तथ्यों की भूल करार दिया है। इस मामले में अदालत में पुलिस के आवेदन को स्वीकार करते हुए दोनों गिरफ्तार युवक नीतीश उर्फ काले और रोहित को रिहा करने का आदेश दिया। झज्जर जेल से देर रात दोनों युवकों को रिहा कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम की जांच एडीजीपी ममता सिंह के नेतृत्व में एसआईटी ने की थी।
SIT जांच के बाद पुलिस ने बताया भूल
मामले में एफआईआर संख्या 11, दिनांक 16 जनवरी 2026 को थाना बेरी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। बाद में मामले की जांच विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा की गई, जिसमें यह निष्कर्ष निकला कि पूरा घटनाक्रम भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 14 व 17 के अंतर्गत तथ्य की भूल का मामला है।
FIR को दूसरे मामले में किया गया मर्ज
एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह घटना किसी भी संज्ञेय अपराध की श्रेणी में नहीं आती और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित घटना को एक ही जुड़े हुए मामले के रूप में देखा जाना चाहिए। जिसके चलते वर्तमान एफआईआर को पुलिस स्टेशन सिटी झज्जर के केस नंबर 10/2026 में मर्ज कर दिया गया।
आरोपियों के खिलाफ नहीं मिले ठोस सबूत
अदालत ने पुलिस रिपोर्ट और दलीलों पर विचार करने के बाद कहा कि जब आरोपियों के खिलाफ कोई सामग्री सामने नहीं आई है और डिस्चार्ज रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है, तो मामले को लंबित रखने का कोई औचित्य नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने नितिश उर्फ काले और रोहित को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए, बशर्ते वे किसी अन्य मामले में वांछित न हों।
कोर्ट आदेश पर जेल से किए रिहा
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में आरोपियों के खिलाफ कोई नया साक्ष्य सामने आता है, तो पुलिस को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार रहेगा। आदेश की प्रति जिला जेल अधीक्षक, झज्जर को भेजने के निर्देश दिए गए। वहीं कोर्ट आदेश की कॉपी मिलने के बाद दोनों युवकों को जेल से शुक्रवार देर शाम रिहा कर दिया गया।
झज्जर पुलिस को मिली हार
झज्जर के बहुचर्चित एनकाउंटर मामले को लेकर खाप पंचायतों ने सोनीपत कमिश्नर और एडीजीपी ममता सिंह से मुलाकात कर उन्हें कई वीडियो भी सौंपे थे जिनमें अपराधियों और पुलिस की मिलिभगत के वीडियो भी शामिल थे। इस मामले में झज्जर पुलिस को मुंह की खानी पड़ी है।
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