क्रॉस वोटिंग के बाद अब कांग्रेस में गुटबाजी हुई और तेज
मोहम्मद इसराइल की दो टूक, मेरे मन में जो आया वह मैंने किया कांग्रेस के मन में जो आए वो वह करे

सत्य खबर हरियाणा
RajyaSabha Election Cross Voting : हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हाल ही में हुए चुनाव के दौरान कांग्रेस के पांच विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। क्रॉस वोटिंग के बाद अब कांग्रेस के अंदर खुलकर टकराव देखने को मिल रहा है।
पलवल जिले की हथीन विधानसभा क्षेत्र से विधायक मोहम्मद इसराइल ने साफ कर दिया है कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट किया है। उन्होंने कांग्रेस को खुली चुनौती देते हुए कहा कि उनके मन में जो आया, वह उन्होंने किया और अब कांग्रेस के मन में जो आए वह कांग्रेस करे।
सद्भावना यात्रा निकाल रहे पूर्व सांसद व कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने साफ कहा कि क्रास वोटिंग करने वाले विधायकों को पार्टी से बाहर किया जाना चाहिए, नहीं तो वे आगे भी ऐसा करते रहेंगे।
कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स और जुलाना विधायक विनेश फोगाट ने पार्टी के भीतर ‘जयचंद’ होने की बात कहकर माहौल को और गरमा दिया। उन्होंने कहा कि जब तक पार्टी में खुद को बड़ा मानने वाले नेताओं पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे।
हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इनेलो को भाजपा की ‘बी-टीम’ करार दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह तक पता नहीं था कि कांग्रेस के चार वोट रद हो जाएंगे। हुड्डा का यह बयान एक तरफ इनेलो पर निशाना है, तो दूसरी तरफ यह कांग्रेस के भीतर की स्थिति को भी उजागर करता है, जहां अपने ही वोटों को लेकर असमंजस बना रहा। यह अलग बात है कि इनेलो ने अपने दो विधायकों की वोट नहीं डलवाई। अगर इनेलो विधायक सतीश नांदल के पक्ष में वोट डाल देते तो कांग्रेस उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ता।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस बारे में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पहली बार देखा कि कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं रहा और उसके वरिष्ठ नेता खुद पोलिंग एजेंट की भूमिका में नजर आए। यह स्थिति दिखाती है कि कांग्रेस का भविष्य कमजोर होता जा रहा है।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने भी परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जीत अच्छी बात है, लेकिन जिस मार्जिन से जीत हुई, वह संतोषजनक नहीं है। रोचक पहलू यह है कि हुड्डा की तरह सैलजा के भी दो करीबी विधायकों पर क्रास वोटिंग के आरोप लगे हैं।
राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे सतीश नांदल का कहना है कि इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला और पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अगर उन्हें यह जानकारी है कि क्रास वोटिंग के लिए विधायकों को करोड़ों रुपये दिए गए, तो वे यह भी बताएं कि पैसा कहां से आया, किसने दिया और कैसे दिया गया। नांदल का यह बयान सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने पूरे मामले को और ज्यादा राजनीतिक रंग दे दिया है।
वर्तमान में क्रॉस वोटिंग का यह मामला कांग्रेस के भीतर गुटबाजी को और ज्यादा हवा देने वाला सिद्ध हो रहा है। कांग्रेस के लिए आगे कुआं और पीछे खाई वाली कहावत भी चरितार्थ हो रही है। अगर कांग्रेस इन विधायकों को बाहर का रास्ता दिखाती है तो कांग्रेस को 2028 के राज्यसभा चुनाव में और ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ेगा और अगर वह बाहर का रास्ता नहीं दिखती है और इनका जवाब आने के बाद इन्हें माफ करके छोड़ देती है तो इससे कांग्रेस के विधायकों के बीच गलत संदेश जाएगा। अब इस सप्ताह कांग्रेस के इन बागी विधायकों को लेकर सबकी नजर इस बात पर बनी हुई है कि यह क्या जवाब देते हैं? और उसके बाद कांग्रेस हाईकमान क्या करती है?
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