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PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी! वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस हुई रवाना

Satyakhabarindia

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे। आठ कोच वाली यह अत्याधुनिक ट्रेन वाराणसी और खजुराहो के बीच लगभग 442 किलोमीटर की दूरी सिर्फ आठ घंटे में तय करेगी। इस ट्रेन के शुरू होने से खजुराहो, चित्रकूट और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

हालांकि इस ट्रेन की सुबह 5:30 बजे की प्रस्थान टाइमिंग को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। ऑल इंडिया टूरिस्ट गाइड फेडरेशन के नेशनल कोऑर्डिनेटर अजय सिंह ने इसे पर्यटन के लिए तो उपयोगी बताया, लेकिन टाइमिंग को लेकर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि “यह एक सराहनीय पहल है, लेकिन सुबह 5:30 बजे ट्रेन पकड़ने के लिए कोई ‘क्रीमी लेयर’ टूरिस्ट सुबह 4:30 बजे नहीं उठेगा। अगर ट्रेन का समय सुबह 9:30 बजे किया जाए, तो टूरिस्ट बनारस की सुबह का आनंद लेकर आसानी से यात्रा कर सकेंगे।”

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इस ट्रेन का संचालन सप्ताह में छह दिन होगा — गुरुवार को छोड़कर बाकी दिनों में यह वाराणसी कैंट से सुबह 5:30 बजे रवाना होगी और दोपहर 1:15 बजे खजुराहो पहुंचेगी। वापसी यात्रा खजुराहो से दोपहर बाद होगी। यह ट्रेन विंध्याचल, प्रयागराज छिवकी, चित्रकूट धाम, बांदा और महोबा जैसे स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें सात चेयरकार और एक एग्जीक्यूटिव क्लास कोच होंगे, जिनमें कुल 594 यात्रियों की क्षमता है।

अजय सिंह के अनुसार, इस ट्रेन के चलने से चित्रकूट के धार्मिक पर्यटन को विशेष बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि “अभी वाराणसी-दिल्ली-खजुराहो के बीच केवल एक फ्लाइट चल रही है और वह भी हाल ही में शुरू हुई है। ऐसे में वंदे भारत ट्रेन इस रूट पर एक बेहतरीन विकल्प है, लेकिन सुबह की टाइमिंग के कारण यह टूरिस्टों के लिए असुविधाजनक साबित हो सकती है।”

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पर्यटन विशेषज्ञ शैलेश त्रिपाठी ने भी इस ट्रेन को वाराणसी के लिए “पर्यटन क्षेत्र का गेम चेंजर” बताया। उन्होंने कहा कि “इस वंदे भारत के चलने से दिल्ली-जयपुर-आगरा के गोल्डन ट्रायंगल टूरिस्ट सर्किट से जुड़े प्रीमियम टूरिस्ट अब वाराणसी और खजुराहो तक पहुंच पाएंगे। इससे काशी में आने वाले उच्च आय वर्ग के टूरिस्टों की संख्या करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।”

शैलेश के मुताबिक, “भले ही बैकपैकर या बजट टूरिस्टों की संख्या बढ़ रही हो, लेकिन जब तक ‘क्रीमी लेयर टूरिस्ट’ नहीं बढ़ेंगे, तब तक वाराणसी के टूरिज्म को असली आर्थिक बूस्ट नहीं मिलेगा। यह वंदे भारत ट्रेन उस बूस्ट की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

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कुल मिलाकर, वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस पर्यटन और धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली एक ऐतिहासिक पहल साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि रेलवे मंत्रालय ट्रेन की टाइमिंग में बदलाव कर पर्यटन क्षेत्र की इस संभावनाओं को और सशक्त बनाता है या नहीं।

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