Ajit Pawar का प्लेन बारामती में क्रैश, एयरक्राफ्ट जलकर खाक, सभी की मौत

महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री Ajit Pawar की मौत एक दर्दनाक विमान हादसे में हो गई। उनका प्लेन बारामती के एयर स्ट्रिप के पास खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में Ajit Pawar के साथ विमान में सवार विपिन जाधव और पिंकी माली की भी जान चली गई। DGCA ने पुष्टि की है कि विमान में मौजूद सभी लोगों की मौत हो गई है। यह दुर्घटना राजनीतिक जगत और आम जनता के लिए एक बड़ा सदमा साबित हुई है। अजित पवार महाराष्ट्र के एक प्रमुख नेता थे और उनकी अचानक हुई इस मौत से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।
Learjet 45XR विमान की तकनीकी विशेषताएं
Ajit Pawar जिस Learjet 45XR विमान में सवार थे, वह एक उन्नत सुपर-लाइट से लेकर मिड-साइज बिजनेस जेट है। इसे तेज गति और बेहतर प्रदर्शन के लिए डिजाइन किया गया है। इस विमान में दो Honeywell TFE731-20BR इंजन लगे हैं, जो प्रत्येक 3,500 पाउंड थ्रस्ट उत्पन्न करते हैं। इसकी अधिकतम क्रूज स्पीड लगभग 860 किलोमीटर प्रति घंटा है और इसकी उड़ान रेंज करीब 3,701 से 3,991 किलोमीटर तक होती है। यह विमान लगभग 8 से 9 यात्रियों को बैठाने में सक्षम है और केबिन का आकार 19.7 से 19.8 फीट लंबा, 5.1 फीट चौड़ा और 4.11 फीट ऊंचा होता है। Learjet 45XR छोटे रनवे से उड़ान भरने में भी दक्ष है, जिसकी लंबाई लगभग 4,000 फीट होती है।

हादसे का कारण और हादसे के बाद की स्थिति
बारामती में एक सभा को संबोधित करने के लिए Ajit Pawar मुंबई से इसी Learjet 45XR में सवार होकर आ रहे थे। लेकिन जैसे ही विमान ने बारामती एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग करने की कोशिश की, वह चट्टान से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि विमान का चट्टान से टकराना इस हादसे की मुख्य वजह थी। दुर्घटना के कारण पूरा विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दुर्घटना स्थल पर केवल विमान का टेल और एक पंख ही सुरक्षित दिखे। बाकी का हिस्सा जल गया। इस भयानक हादसे से न केवल अजित पवार के परिजन बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लोग स्तब्ध हैं।
राजनीति और जनता में शोक की लहर
Ajit Pawar के निधन की खबर से महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके परिवारजन और समर्थक इस खबर को मानने में असमर्थ हैं और उन्हें खोने का गहरा दुःख है। अजित पवार की राजनीतिक यात्रा और उनके योगदान को हर कोई याद कर रहा है। उनकी मृत्यु ने राज्य के कई बड़े राजनीतिक मुद्दों को छू लिया है और आगामी समय में इससे राजनीतिक समीकरणों पर भी असर पड़ने की संभावना है। इस दुर्घटना के बाद राज्य सरकार और प्रशासन ने सुरक्षा उपायों की समीक्षा शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।