राष्ट्रीय
ममता बनर्जी की हार के बाद बंगाल में शपथ ग्रहण की तारीख तय


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस प्रचंड बहुमत के साथ पार्टी ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस को केवल 79 सीटों पर संतोष करना पड़ा जिससे लंबे समय से चला आ रहा उसका दबदबा समाप्त हो गया। इस नतीजे ने बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है।
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस जीत को केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राज्य के खोए हुए गौरव की वापसी बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य सिर्फ सरकार बदलना नहीं था बल्कि बंगाल को फिर से विकास और सांस्कृतिक पहचान के मार्ग पर लाना था। उन्होंने कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन को इस जीत की असली ताकत बताया।

भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा जो रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से इस तारीख की घोषणा की गई है। इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की जा रही है जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता और हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद यह समारोह राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
इस चुनाव में 23 और 29 अप्रैल को हुए मतदान में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग दर्ज की गई थी जिसका असर नतीजों में साफ दिखाई दिया। बीजेपी ने केवल बंगाल ही नहीं बल्कि असम और पुडुचेरी में भी शानदार जीत दर्ज की है। सबसे बड़ा बदलाव बंगाल में देखने को मिला जहां 15 वर्षों से सत्ता में रही ममता बनर्जी सरकार का अंत हो गया। इस परिणाम ने राष्ट्रीय राजनीति में भी नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले समय में इसके बड़े राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।