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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में कांटे की टक्कर, अध्यक्ष पद पर लेफ्ट और एबीवीपी में रोमांचक मुकाबला जारी

Satyakhabarindia

जेएनयू के छात्रसंघ चुनाव 2025 की वोटों की गिनती अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस बार मुकाबला बेहद रोचक और तनावपूर्ण बना हुआ है। लेफ्ट और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी के बीच हर पद पर कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। सभी की निगाहें अब अध्यक्ष पद के परिणाम पर टिकी हैं।

उम्मीदवारों की सूची और उनकी चुनौती

इस चुनाव में चार प्रमुख पदों पर मुकाबला हुआ है—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और सह सचिव। अध्यक्ष पद के लिए लेफ्ट से अदिति मिश्रा और एबीवीपी से विकास पटेल मैदान में हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए किझाकूट गोपिका बाबू (लेफ्ट) और तान्या कुमारी (एबीवीपी) में मुकाबला है। महासचिव पद के लिए सुनील यादव (लेफ्ट) और राजेश्वर कांत दुबे (एबीवीपी) आमने-सामने हैं। वहीं सह सचिव पद पर दानिश अली (लेफ्ट) और अनुज (एबीवीपी) के बीच संघर्ष जारी है।

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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में कांटे की टक्कर, अध्यक्ष पद पर लेफ्ट और एबीवीपी में रोमांचक मुकाबला जारी

अब तक के रुझानों में लेफ्ट की बढ़त

करीब 4,340 वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है और शुरुआती रुझान लेफ्ट गठबंधन के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। अध्यक्ष पद पर लेफ्ट की अदिति मिश्रा को अब तक 1375 वोट मिले हैं जबकि एबीवीपी के विकास पटेल को 1192 वोट मिले हैं। उपाध्यक्ष पद पर लेफ्ट की गोपिका ने निर्णायक बढ़त बना ली है। उन्हें 2146 वोट मिले हैं जबकि एबीवीपी की तान्या 1437 वोटों के साथ पीछे हैं।

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महासचिव और सह सचिव पद पर कांटे की टक्कर

महासचिव पद पर एबीवीपी के राजेश्वर कांत दुबे ने मामूली बढ़त बनाई है। उन्हें 1496 वोट मिले हैं जबकि लेफ्ट के सुनील यादव को 1367 वोट मिले हैं। वहीं सह सचिव पद पर दोनों संगठनों के बीच मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। लेफ्ट के दानिश को 1447 वोट मिले हैं जबकि एबीवीपी के अनुज को 1494 वोटों का समर्थन मिला है। यानी यह पद एबीवीपी के खाते में जा सकता है।

 जेएनयू के परिसर में चुनावी माहौल गरम

जेएनयू में हमेशा से ही छात्र राजनीति का प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति तक देखा गया है। इस बार भी माहौल वैसा ही है। चुनावी नतीजों के इंतजार में छात्र समूहों के बीच चर्चा जोरों पर है। अंतिम परिणाम किसी भी वक्त घोषित हो सकता है। देखना यह होगा कि क्या एबीवीपी अपनी पिछली हार की भरपाई कर पाएगी या लेफ्ट एक बार फिर कैंपस पर अपनी पकड़ मजबूत करेगा।

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