RSS की बड़ी बैठक में भागवत समेत 40 केंद्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी तय

RSS के प्रमुख मोहन भागवत वृंदावन पहुंच चुके हैं जहां वे संगठन की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में हिस्सा लेंगे। मोहन भागवत इस दौरान लगभग सात दिन वृंदावन में ठहरेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में करीब 40 केंद्रीय पदाधिकारी भाग लेंगे, जिनमें RSS के शीर्ष नेतृत्व के सदस्य भी शामिल हैं। छोटे समूहों की बैठकें सोमवार से शुरू होंगी, जबकि मुख्य बैठक 6 से 8 जनवरी तक केशव धाम में आयोजित की जाएगी। यह बैठक हर साल जनवरी के पहले सप्ताह में आयोजित की जाती है जिसमें विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को विस्तार से चर्चाओं के लिए आमंत्रित किया जाता है।
केशव धाम में RSS की कार्यकारिणी समिति की बैठक
वृंदावन केशव धाम में RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी समिति की बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक में संगठन की आगामी रणनीतियों और कार्यों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में देशभर के कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया जाएगा जिनमें भारत के बाहर हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मामला भी शामिल है। इसके अलावा सहकारी क्षेत्र और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भी बैठक में रणनीति बनाई जाएगी, जिससे संगठन की राजनीतिक गतिविधियों को बल मिलेगा।

मुख्य पदाधिकारी करेंगे बैठक में भागीदारी
इस बैठक में RSS के प्रमुख मोहन भागवत के अलावा संगठन के महासचिव दत्तात्रेय होसाबले, छह संयुक्त महासचिव और लगभग 40 केंद्रीय पदाधिकारी भाग लेंगे। इन अधिकारियों की उपस्थिति से बैठक की गंभीरता और संगठन के व्यापक उद्देश्यों का पता चलता है। RSS की यह वार्षिक बैठक संगठन की गतिविधियों का मार्गदर्शन करती है और आने वाले साल की कार्ययोजना तय करती है। विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा के बाद ही संगठन के अगले कदम तय होते हैं।
मोहन भागवत का सुदामा कुटी आश्रम का दौरा और समारोहों में भागीदारी
6 से 8 जनवरी की बैठक के बाद मोहन भागवत 9 जनवरी को चंद्रोदय मंदिर का दौरा करेंगे। यहां वे ठाकुर जी के दर्शन करेंगे, गौशाला और रसोई का निरीक्षण करेंगे तथा कार्यालय पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद 10 से 21 जनवरी तक नाभपीठ सुदामा कुटी आश्रम के शताब्दी समारोह का आयोजन किया जाएगा। 10 जनवरी को RSS प्रमुख मोहन भागवत इस समारोह के उद्घाटन सत्र में हिस्सा लेंगे। इस समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की संभावना है, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ जाएगी। यह आयोजन संगठन की सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों को भी मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।