Delhi AQI: स्मॉग का कहर! सरकार ने शुरू किए इमरजेंसी एंटी-पॉल्यूशन कदम, क्या मिलेगा असर?

Delhi AQI: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर ख़तरनाक स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 355 दर्ज किया गया, जो “बेहद ख़राब” श्रेणी में आता है। दोपहर 3 बजे तक बवाना इलाके में प्रदूषण का स्तर सबसे ज़्यादा 410 तक पहुंच गया, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
सरकार ने बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए कई आपातकालीन उपाय लागू किए हैं। अस्पतालों में सांस और एलर्जी से संबंधित मामलों में तेज़ी देखी जा रही है, जबकि कई स्कूलों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए आउटडोर गतिविधियाँ बंद कर दी हैं।
गैर-Delhi वाहनों पर रोक, BS-III से नीचे वाले माल वाहनों की एंट्री बैन
दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सख्त कदम उठाए हैं। आयोग के आदेश के मुताबिक, 1 नवंबर 2025 से दिल्ली में BS-III और इससे नीचे के सभी गैर-Delhi रजिस्टर्ड वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।
आयोग ने कहा कि यह निर्णय वाहनों से निकलने वाले धुएं को कम करने और राजधानी की हवा को सुधारने के लिए लिया गया है। अब BS-IV से नीचे मानक वाले हल्के (LGV), मध्यम (MHV) और भारी मालवाहक वाहन (HGV) दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यह फैसला दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में भी लागू किया गया है।

सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव, ट्रैफिक जाम से राहत का प्रयास
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों समस्याओं से निपटने के लिए सरकारी दफ्तरों के कामकाजी समय में बदलाव की घोषणा की है। वर्तमान में दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक चलते हैं, जबकि नगर निगम (MCD) के दफ्तरों का समय 9:00 से 5:30 बजे तक होता है।
अब, ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए, दिल्ली सरकार के दफ्तर 10:00 बजे से 6:30 बजे तक और MCD के दफ्तर 8:30 बजे से 5:00 बजे तक चलेंगे। यह नया शेड्यूल 15 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक लागू रहेगा। सरकार का मानना है कि इस छोटे-से बदलाव से सुबह और शाम के समय होने वाली ट्रैफिक जाम की स्थिति में सुधार आएगा।
सीएम की अपील – कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का करें उपयोग
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानीवासियों से अपील की है कि वे कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज़्यादा इस्तेमाल करें ताकि वाहन उत्सर्जन कम हो सके। उन्होंने निजी कंपनियों से भी अनुरोध किया है कि जहां संभव हो, कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) की सुविधा दी जाए। इस बीच, नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) ने भी प्रदूषण नियंत्रण के तहत एक और बड़ा कदम उठाया है। निगम ने घोषणा की है कि नगर निगम द्वारा संचालित पार्किंग स्थलों की फीस दोगुनी कर दी गई है। यह बढ़ी हुई दरें GRAP के दूसरे चरण की समाप्ति तक लागू रहेंगी। हालांकि, यह नियम ऑन-स्ट्रीट पार्किंग या मासिक पास धारकों पर लागू नहीं होगा। सरकार को उम्मीद है कि इन संयुक्त प्रयासों से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वाहन उत्सर्जन और निर्माण धूल पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक दिल्ली की हवा को “बेहद ख़राब” श्रेणी से बाहर लाना मुश्किल रहेगा।