डीके शिवकुमार आज लेंगे कर्नाटक CM शपथ, मंत्रिमंडल पर बड़ा सस्पेंस कायम

कर्नाटक की राजनीति में आज बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार आज शाम 4 बजे लोकभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल थावर चंद गहलोत उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। यह बदलाव कांग्रेस आलाकमान के निर्णय के बाद हो रहा है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद सत्ता की कमान शिवकुमार को सौंपी गई है। पार्टी के अंदर लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बाद यह फैसला सामने आया है, जिसे कर्नाटक की राजनीति में अहम मोड़ माना जा रहा है।
10 से 12 विधायक बन सकते हैं मंत्री, बड़े विस्तार की तैयारी
सूत्रों के अनुसार डीके शिवकुमार के साथ लगभग 10 से 12 विधायक भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल का विस्तार अभी तुरंत नहीं होगा और इसे राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के बाद किया जा सकता है। मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों मौजूद रहे। बैठक में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी शामिल थे। यह संकेत दिया गया है कि मंत्रिमंडल गठन को लेकर पार्टी बेहद संतुलित रणनीति अपना रही है।

नामों पर मंथन तेज, कई बड़े चेहरे शपथ की कतार में
सूत्रों के मुताबिक बुधवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में कई वरिष्ठ नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इनमें जी परमेश्वर, प्रियंक खरगे, रामालिंगा रेड्डी, एमबी पाटिल और यतीन्द्र सिद्धारमैया जैसे नाम शामिल हैं। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 34 मंत्रियों को शामिल करने का प्रावधान है, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में बड़ा विस्तार देखने को मिल सकता है। पार्टी नेतृत्व हर वर्ग और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का गठन करने की तैयारी में है।
मंत्रिमंडल संतुलन और राजनीतिक चुनौती दोनों बड़ी
नए मंत्रिमंडल में पुराने और नए चेहरों का संतुलन बनाना कांग्रेस नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और वरिष्ठ नेताओं के संतुलन को ध्यान में रखा जा रहा है। साथ ही चर्चा है कि राज्य में कई उपमुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं। सिद्धारमैया समर्थकों और शिवकुमार समर्थकों के बीच संतुलन साधना पार्टी के लिए अहम मुद्दा है। मंत्रिमंडल में जगह न पाने वाले नेताओं की नाराजगी भी एक बड़ी चुनौती बन सकती है, जिसे संभालना शिवकुमार के लिए आसान नहीं होगा।
सिद्धारमैया को CWC में जगह, पार्टी में नई रणनीति संकेत
इस राजनीतिक बदलाव के बीच कांग्रेस ने सिद्धारमैया को बड़ा संगठनात्मक पद दिया है। उन्हें कांग्रेस कार्य समिति (CWC) का सदस्य नियुक्त किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की रणनीति बनाई है। सिद्धारमैया के बेटे यतीन्द्र सिद्धारमैया ने भी दावा किया है कि उन्हें नए मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद है। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि कांग्रेस कर्नाटक में केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि संगठनात्मक संतुलन की नई रणनीति पर काम कर रही है।