Himachal bus accident: मलबा हटाने में देरी से हिमाचल बस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ी, समय पर राहत होती तो बचते कई लोग

Himachal bus accident: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के जांधुता क्षेत्र में एक निजी बस भूस्खलन की चपेट में आ गई। भल्लू ब्रिज के पास अचानक पहाड़ी मलबा गिरने से बस पूरी तरह दब गई। इस हादसे में 18 यात्रियों की मौत हो गई और लगभग 30 लोग बस में सवार थे। स्थानीय लोग तुरंत प्रशासन को सूचना देने के बावजूद राहत कार्य में देरी हुई। प्रशासनिक लापरवाही की वजह से कई जानें समय पर बचाई नहीं जा सकीं।
समय पर राहत न मिलने की वजह से बढ़ी हानि
सूत्रों के अनुसार, जैसे ही हादसा हुआ, ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचित किया। इसके बावजूद राहत और बचाव दल देर से पहुंचे। JCB बुलाने में भी विलंब हुआ। अगर समय पर राहत टीम मौके पर होती, तो कई यात्रियों की जान बचाई जा सकती थी। मलबे को हटाने में देरी के कारण यात्रियों की दम घुटने से मौत हुई। इस घटना ने प्रशासनिक तंत्र की सुस्ती और तैयारियों की कमी को उजागर कर दिया।

बस का रूट और यात्रियों की संख्या
बताया गया है कि यह निजी बस संतोषी मारोटान से घूमरविन जा रही थी। भल्लू ब्रिज के पास अचानक हुए भूस्खलन के कारण पहाड़ी मलबा बस पर गिरा और बस पूरी तरह दब गई। कुल 30 लोग बस में सवार थे। हादसे की भयावहता और प्रशासनिक देरी ने इसे और भी गंभीर बना दिया।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की संवेदनाएँ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया कि बिलासपुर में हुए इस भूस्खलन दुर्घटना में कई लोगों की मौत अत्यंत दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने भी अपने संदेश में कहा कि वे सभी प्रभावित परिवारों के साथ हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता की प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री और हिमाचल विधानसभा में विपक्ष नेता जयराम ठाकुर ने भी हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह एक दुखद घटना है और वे प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए व्यक्तिगत रूप से स्थल पर जाएंगे। उन्होंने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के भी संवेदनाएँ व्यक्त करने की जानकारी दी। इस घटना ने राज्य और केंद्र सरकार दोनों के लिए राहत कार्य की जिम्मेदारी को और गंभीर बना दिया।