भारतीय मूल के जोहरन ममदानी बने न्यूयॉर्क के मेयर, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका

भारतीय मूल के ज़ोहरन ममदानी अब न्यूयॉर्क के नए मेयर बनने जा रहे हैं। उनकी जीत ने अमेरिकी राजनीति में हलचल मचा दी है। डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को न्यूयॉर्क ही नहीं बल्कि न्यू जर्सी और वर्जीनिया में भी करारी हार झेलनी पड़ी है। ममदानी भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी माने जाते हैं लेकिन उनकी जीत भारत के लिए राहत की खबर मानी जा रही है। इस परिणाम ने व्हाइट हाउस तक एक स्पष्ट संदेश भेज दिया है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भूमिका अमेरिकी चुनावों में निर्णायक बन चुकी है।
रिपब्लिकन पार्टी को आत्ममंथन की जरूरत
रिपब्लिकन उम्मीदवारों की करारी हार ने पार्टी के भीतर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस हार की वजह पार्टी नेताओं की भारत विरोधी बयानबाजी है। जिन भारतीय-अमेरिकियों ने 2024 में ट्रंप को वोट दिया था उन्होंने इस बार डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को समर्थन दिया। टकर कार्लसन, निक फुएंटेस और कैंडेस ओवेंस जैसे नेताओं के बयानों ने भारतीय समुदाय को नाराज किया। विश्लेषकों का मानना है कि रिपब्लिकन पार्टी की भारत विरोधी सोच ने उसे एशियाई और भारतीय मूल के मतदाताओं से दूर कर दिया है।

न्यूयॉर्क में भारतीयों की सबसे बड़ी आबादी
न्यूयॉर्क को सपनों का शहर कहा जाता है। यह वह जगह है जहां दुनिया भर से लोग अपनी नई जिंदगी शुरू करने आते हैं। जिस तरह भारत में प्रयागराज या पटना का युवा अपने सपनों के लिए दिल्ली या मुंबई जाना चाहता है, वैसे ही दुनिया के युवाओं के लिए न्यूयॉर्क आकर्षण का केंद्र है। यहां भारतीयों की संख्या पूरे अमेरिका में सबसे ज्यादा है। इसलिए न्यूयॉर्क का मेयर जो भी नीतियां बनाता है, उनका सीधा असर जीवन-यापन की लागत, सुरक्षा, हवा की गुणवत्ता और आजादी पर पड़ता है।
क्या बदलेंगे ट्रंप की नीतियां?
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत के प्रति उनका रुख कठोर रहा है। उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत उन्होंने प्रवासियों पर कई प्रतिबंध लगाए। रिपब्लिकन नेताओं ने एच-1बी वीजा खत्म करने और हिंदू विरोधी विचार फैलाने की बातें भी कीं। ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल न खरीदने का दबाव बनाया और पाकिस्तान से नजदीकी बढ़ाई। न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी जैसे शहरों में भारतीयों की बड़ी आबादी है। ऐसे में इन राज्यों में रिपब्लिकन की हार यह संकेत देती है कि अगर ट्रंप भारतीय मतदाताओं का समर्थन चाहते हैं तो उन्हें भारत के प्रति अपना रुख नरम करना होगा।
ममदानी की जीत से अमेरिकी राजनीति में नया अध्याय
ज़ोहरन ममदानी की जीत अमेरिकी राजनीति में एक नया अध्याय खोल सकती है। अगर आने वाले वर्षों में डेमोक्रेटिक पार्टी के मेयर और गवर्नर अपने प्रशासन में सफल होते हैं तो यह पार्टी की नीतियों के लिए एक मिसाल बनेगा। लेकिन यदि ये प्रयोग असफल रहे तो यह 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले चेतावनी का संकेत होगा। ममदानी की जीत न केवल भारतीय समुदाय की ताकत को दिखाती है बल्कि यह भी बताती है कि अमेरिका में प्रवासी राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।