राष्‍ट्रीय

India-US तेल डील में बड़ा मोड़ Russia के बाद अब Venezuela नाम भी शामिल

Satyakhabarindia

India-US: अमेरिका ने भारत को फिर से वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने का संकेत दिया है। पिछले साल अमेरिका ने वेनेजुएला से तेल खरीदने पर भारत सहित कुछ देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था ताकि वेनेजुएला का तेल कम खरीदा जाए। उस समय अमेरिका ने साफ कहा था कि जो देश वेनेजुएला से तेल खरीदेंगे उन्हें भारी शुल्क देना पड़ेगा। लेकिन अब स्थितियाँ बदल रही हैं और अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से तेल की खरीद को कम करे और उसकी जगह वेनेजुएला से तेल ले। यह रणनीति अमेरिका की रूस के तेल आय पर अंकुश लगाने की कोशिश का हिस्सा भी है।

भारत के रूसी तेल आयात में गिरावट और अमेरिका का दबाव

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने भारत को बताया है कि वह रूस से तेल आयात कम करने में मदद कर सकता है और वेनेजुएला से तेल खरीदना एक विकल्प हो सकता है। पिछले कुछ समय में भारत ने रूस से तेल की खरीद को कम करने की दिशा में कदम उठाए हैं और यह रफ़्तार आगे भी बढ़ने की संभावना है। जनवरी में भारत ने लगभग 1.2 मिलियन बैरल प्रति दिन रूस से तेल खरीदा था, जो फरवरी में करीब 1 मिलियन बैरल और मार्च में 800,000 बैरल प्रति दिन रह सकता है। कुछ आकलन तो यह भी बताते हैं कि यह और गिरकर लगभग 500,000 से 600,000 बैरल प्रति दिन तक आ सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के लिए भी भारत की स्थिति को मजबूत कर सकता है।

विदेशी संपत्ति विवाद में फंसे पवन खेड़ा कोर्ट से झटका गिरफ्तारी की आशंका
विदेशी संपत्ति विवाद में फंसे पवन खेड़ा कोर्ट से झटका गिरफ्तारी की आशंका

India-US तेल डील में बड़ा मोड़ Russia के बाद अब Venezuela नाम भी शामिल

वेनेजुएला से तेल खरीदने की चुनौतियाँ और संभावनाएँ

वेनेजुएला के तेल को लेकर अमेरिका की नीति में बदलाव आया है क्योंकि जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका ने गिरफ्तार कर लिया और उसके बाद अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण का दावा किया है। इसी कारण अमेरिका अब वेनेजुएला के तेल को फिर से वैश्विक बाजार में बेचने का इरादा रखता है और भारत को भी वह विकल्प सुझा रहा है। पर यह स्पष्ट नहीं है कि वेनेजुएला का तेल सीधे भारत को मिलेगा या वैश्विक ट्रेडिंग कंपनियों के जरिए आएगा। भारतीय रिफाइनरों ने भी संकेत दिए हैं कि अगर वेनेजुएला से तेल खरीदने की अनुमति मिलती है तो वे इसे विचार में लेंगे, लेकिन अभी तक सप्लाई सीमित है और ज्यादातर तेल अमेरिका के बाजार की ओर जा रहा है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की समीक्षा यात्रियों को मिलेगी भीड़ से बड़ी राहत
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की समीक्षा यात्रियों को मिलेगी भीड़ से बड़ी राहत

ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक राजनीति के बीच भारत की स्थिति

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और उसकी ऊर्जा सुरक्षा नीति उसके नागरिकों और उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है। रूस से तेल मिलने पर भारत को सस्ती कच्चे तेल की आपूर्ति मिली थी जिसने ऊर्जा लागत को स्थिर रखने में मदद की। अब अमेरिका का दबाव और रूस से आयात घटाने का लक्ष्य यह संकेत देता है कि भारत को अपनी तेल आपूर्ति को और विविध बनाना होगा। वेनेजुएला से तेल खरीदने का प्रस्ताव इसका एक हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह भी ध्यान देना जरूरी है कि वेनेजुएला का तेल मुख्य रूप से भारी और उच्च-सल्फर वाला है जिसे ठीक से रिफाइन करना कुछ विशेष रिफाइनरियों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। साथ ही वेनेजुएला में तेल उत्पादन और निर्यात की क्षमता भी अभी सीमित स्थिति में है, इसलिए भारत के लिए यह विकल्प अभी पूरी तरह से साकार होने में समय लग सकता है।

कोलकाता में अमित शाह बोले बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय भाजपा की जीत का भरोसा
कोलकाता में अमित शाह बोले बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय भाजपा की जीत का भरोसा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button