NCR का रेडियस काम करने पर आज नहीं हुआ विचार, अगली बैठक दिसंबर में
राजस्थान एनसीआर का क्षेत्र घटाने के खिलाफ, अभी हरियाणा के 14 जिले रहेंगे एनसीआर में

सत्य खबर हरियाणा
NCR Planning Board : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के एनसीआर (NCR) क्षेत्र को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय साझा किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि हरियाणा के वर्तमान एनसीआर क्षेत्र (Boundary) में कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा। इस बयान के साथ ही उन सभी चर्चाओं और प्रस्तावों पर पूरी तरह विराम लग गया है, जिनमें हरियाणा के कुछ दूरदराज के जिलों को एनसीआर के दायरे से बाहर करने की बात कही जा रही थी। मंगलवार को दिल्ली में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की मीटिंग में यह फैसला हुआ। पहले हरियाणा के 5 जिले एनसीआर से बाहर होने की चर्चा थी। केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर की अध्यक्ष में हुई मीटिंग के बाद सीएम नायब सैनी ने इसकी जानकारी दी।
सीएम नायब सैनी ने बताया कि हरियाणा का पुराना एरिया पहले की तरह ही रहेगा। अभी प्रदेश के कुल 23 में से 14 जिले एनसीआर में थे। यदि एनसीआर का दायरा घटता तो करनाल, पानीपत, जींद, महेंद्रगढ़ और भिवानी जिले बाहर हो सकते थे। बताया जा रहा है कि एनसीआर दायरा घटना का सबसे ज्यादा असर राजस्थान पर पड़ता। बदलाव की स्थिति में राजस्थान का सिर्फ भिवाड़ी ही एनसीआर में रह जाता। राजस्थान बदलाव के पक्ष में नहीं था।
एनसीआर का दायरा कम न होने से हरियाणा के सभी 14 जिलों को बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास के लिए केंद्रीय फंड मिलता रहेगा। मेट्रो विस्तार, एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल (RRTS) जैसी बड़ी परियोजनाओं को इससे और गति मिलेगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और ग्रेप (GRAP) के कड़े नियम इन सभी इलाकों में पहले की तरह ही प्रभावी रहेंगे। इनमें प्रदूषण के दौरान निर्माण कार्यों पर रोक और 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर पाबंदी शामिल है। बैठक में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर भी प्रतिबद्धता दोहराई गई, जिससे अरावली पहाड़ियों और प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों (NCZ) से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी।
सीएम ने बताया कि एनसीआर में 4 आधुनिक नमो सिटी विकसित किए जाएंगे। हालांकि ये कहां होंगे, यह अभी तय नहीं। इसके लिए कमेटी बनाई गई है। राज्यों से भी सुझाव मांगे गए हैं। प्लान-2041 के लिए सब कमेटी बनी है, जो 15 अगस्त तक रिपोर्ट देगी। प्लानिंग बोर्ड की 43वीं बैठक अब दिसंबर में प्रस्तावित है। साथ ही एनसीआर में B-6 से नीचे के वाहनों को लेकर परिवर्तन योजना बनाई गई है। आरआरटीएस करनाल की तरफ और मानेसर पर काम चल रहा है। कोर एरिया को लेकर भी चर्चा हुई है।
मनोहर लाल के एनसीआर पर विचार
पहली बार हरियाणा का मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही समय बाद मनोहर लाल खट्टर ने करनाल और जींद को NCR में शामिल करवाने को बड़ी उपलब्धि बताया था। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में दोनों जिलों को शामिल किए जाने के बाद हरियाणा का करीब 57 प्रतिशत क्षेत्र NCR का हिस्सा बन गया था।
दिसंबर 2021 में मनोहरलाल खट्टर ने सार्वजनिक रूप से कहा कि दिल्ली से 100 किलोमीटर से अधिक दूर के जिलों को NCR में रखने का कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा है। खट्टर ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया था कि केवल 100 किलोमीटर के दायरे वाले क्षेत्र को ही NCR में रखा जाए और बाकी क्षेत्रों को बाहर किया जाए। खट्टर का तर्क था कि दूरस्थ जिलों को NCR के प्रतिबंध तो झेलने पड़ते हैं, लेकिन अपेक्षित विकास लाभ नहीं मिलते।
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