Upendra Dwivedi: क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ा दांव, खाड़ी तनाव के बीच आर्मी चीफ का विदेश दौरा शुरू

भारतीय सेना प्रमुख Upendra Dwivedi रविवार को चार दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना हुए हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत के रक्षा सहयोग और सैन्य संबंधों को और मजबूत करना है। यह यात्रा दो देशों संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका तक सीमित है। मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को देखते हुए यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। भारतीय सेना प्रमुख की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब पश्चिम एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक गतिविधियां तेज हैं। भारत लगातार यह प्रयास कर रहा है कि मित्र देशों के साथ रक्षा संवाद और सैन्य तालमेल को नई मजबूती दी जाए।
यूएई में रक्षा सहयोग पर अहम बातचीत
अपनी दो देशों की यात्रा के पहले चरण में जनरल Upendra Dwivedi संयुक्त अरब अमीरात पहुंचेंगे। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और यमन से जुड़े हालात के बीच यह दौरा रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूएई में भारतीय सेना प्रमुख वहां के शीर्ष सैन्य अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, संयुक्त सैन्य अभ्यास, आतंकवाद विरोधी रणनीति और सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत और यूएई के बीच रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देश नियमित सैन्य अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं। इस यात्रा से दोनों सेनाओं के बीच आपसी विश्वास और तालमेल को और गहराई मिलने की उम्मीद है।

यूएई के बाद श्रीलंका का दौरा और रणनीतिक संवाद
यूएई दौरे के बाद जनरल Upendra Dwivedi श्रीलंका के लिए रवाना होंगे जहां वह दो दिन तक रुकेंगे। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में वह राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस दौरान श्रीलंकाई सेना के कमांडर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण सहयोग, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत होगी। भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों का सहयोग बेहद जरूरी माना जाता है। इस दौरे से समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ने की उम्मीद है।
आईपीकेएफ स्मारक पर श्रद्धांजलि और भावनात्मक संदेश
श्रीलंका दौरे के दौरान भारतीय सेना प्रमुख कोलंबो स्थित इंडियन पीसकीपिंग फोर्स के स्मारक पर श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे। यह स्मारक उन भारतीय सैनिकों की याद में बनाया गया है जिन्होंने जुलाई 1987 से मार्च 1990 के बीच श्रीलंका में शांति स्थापना के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए थे। करीब 1200 भारतीय सैनिकों ने इस मिशन में सर्वोच्च बलिदान दिया था। जनरल द्विवेदी की यह श्रद्धांजलि भारत की उस ऐतिहासिक भूमिका को याद दिलाती है जो उसने क्षेत्रीय शांति के लिए निभाई। यह दौरा न केवल रणनीतिक दृष्टि से बल्कि भावनात्मक और ऐतिहासिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।