जनवरी में भाजपा सरकार और संगठन में होगा बड़ा बदलाव दो मंत्रियों की छुट्टी संभव दो नए मंत्री मिलेंगे एक दर्जन नए चेयरमैन बनाए जा सकते हैं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का फैसला भी इसी माह
जनवरी में भाजपा सरकार और संगठन में होगा बड़ा बदलाव दो मंत्रियों की छुट्टी संभव दो नए मंत्री मिलेंगे एक दर्जन नए चेयरमैन बनाए जा सकते हैं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का फैसला भी इसी माह

Satya Khabar Panchkula
New Year Politics: हरियाणा में नए साल में प्रदेश की भाजपा सरकार और भाजपा संगठन में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। भाजपा में नायब मंत्रिमंडल में से दो मंत्रियों को हटाकर दो नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। इस दौरान सरकार करीब एक दर्जन नए चेयरमैन भी बनाने का काम कर सकती है। प्रदेश में भाजपा के अध्यक्ष का फैसला भी जनवरी माह में होने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार के भीतर बड़े स्तर पर मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि नायब सैनी सरकार अपनी टीम को नए सिरे से संतुलित करने की तैयारी में जुटी है। इसी बीच कुछ मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदले जाने की भी चर्चा जोरों पर है। वरिष्ठ मंत्री श्याम सिंह राणा की उम्र और स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा है, जिस कारण उनके स्थान पर नए चेहरे को मौका दिए जाने की अटकलें तेज हैं। इसके अलावा कृष्ण बेदी के प्रदेश अध्यक्ष बनने की चर्चा भी सियासी माहौल को और गरमा रही है। यदि यह बदलाव होता है, तो मंत्रीमंडल में फेरबदल लगभग तय माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नये साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। बैठक का एजेंडा तैयार किया जा रहा है। इसी दिन हरियाणा की आइएएस आफिसर्स एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सम्मान में दोपहर के भोज का आयोजन किया गया है, जिसमें समस्त आइएएस और राज्य सरकार के मंत्री शामिल होंगे। नये साल के पहले माह में ही सरकार बोर्ड एवं निगमों के चेयरमैन बना सकती है। बोर्ड एवं निगमों के चेयरमैनों के नाम पर लगभग सहमति बनाई जा चुकी है। धीरे-धीरे किस्तों में इन नामों को घोषित किया जाएगा। हरियाणा भाजपा के नये अध्यक्ष का ऐलान भी जनवरी में संभव है।
सरकार जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में नायब सैनी सरकार संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बैठाने के लिए बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकती है। हरियाणा की नायब सैनी सरकार का मौजूदा मंत्रीमंडल सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि गहरे राजनीतिक संदेश भी देता है। 13 सदस्यीय मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा 5 मंत्री ओबीसी बिरादरी से हैं, जो लंबे समय से भाजपा का कोर वोटबैंक मानी जाती रही है। इसके बाद एससी, ब्राह्मण और जाट समुदाय से 2-2 मंत्रियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
अगर कैबिनेट को जातीय समीकरणों के नजरिए से देखा जाए, तो तस्वीर बिल्कुल साफ है। भाजपा हरियाणा में अपनी गैर-जाट राजनीति की रणनीति पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। सत्ता के केंद्र में ओबीसी नेतृत्व को मजबूत कर पार्टी सामाजिक संतुलन के साथ-साथ चुनावी गणित भी साध रही है। सैनी कैबिनेट में अनुभव और युवा जोश का स्पष्ट कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है। एक तरफ अनिल विज और श्याम सिंह राणा जैसे अनुभवी और सीनियर चेहरे हैं, जो सरकार को प्रशासनिक स्थिरता देते हैं। वहीं दूसरी तरफ गौरव गौतम, आरती राव और श्रुति चौधरी जैसे युवा चेहरों को जिम्मेदारी देकर भाजपा ने नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।
मंत्रीमंडल फेरबदल की चर्चाओं के बीच एक अहम संकेत यह भी है कि बदलाव सिर्फ चेहरों तक सीमित नहीं रह सकता। कुछ मौजूदा मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदले जाने की भी अंदरखाने चर्चा तेज है। सूत्रों के अनुसार, सरकार का फोकस अब परफॉर्मेंस और पॉलिटिकल मैसेजिंग दोनों पर है। जिन विभागों पर कामकाज को लेकर सवाल उठे हैं या जहां ग्राउंड फीडबैक कमजोर रहा है, वहां विभागीय जिम्मेदारियों में अदला-बदली हो सकती है। इससे बिना किसी मंत्री को हटाए सरकार नई ऊर्जा और नई दिशा देने की कोशिश कर सकती है।
अब जब मंत्रीमंडल फेरबदल की अटकलें तेज हैं, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा इसी जातीय समीकरण और युवा-वरिष्ठ संतुलन को बनाए रखती है या फिर नए सियासी संदेश के साथ कैबिनेट का चेहरा बदला जाता है। यही फेरबदल आने वाले समय में हरियाणा की राजनीति की दिशा और दशा तय कर सकता है।