Al-Falah University की वेबसाइट हैक लिखा भारत की धरती पर इस तरह की इस्लामिक यूनिवर्सिटी की कोई जगह नहीं
Al-Falah University की वेबसाइट हैक लिखा भारत की धरती पर इस तरह की इस्लामिक यूनिवर्सिटी की कोई जगह नहीं

Satya Khabar,Faridabad
Al-Falah University की वेबसाइट हैक कर ली गई। यह यूनिवर्सिटी दिल्ली में हुए बम धमाकों से पहले ही चर्चा में आ गई थी। इस यूनिवर्सिटी के कई डॉक्टर और इंजीनियर भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं।
वेबसाइट पर क्लिक करने पर क्या आया
यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर क्लिक करने पर लिखा हुआ आया है भारत की धरती पर इस तरह की इस्लामिक यूनिवर्सिटी की कोई जगह नहीं है। अगर भारत में रहना है तो शांति से रहना होगा, नहीं तो इस्लामिक जिहाद करने वालों को भारत छोड़कर पाकिस्तान चले जाना चाहिए। इसे चेतावनी समझें, क्योंकि हम तुम्हारी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। इसे बंद करो, वर्ना हम तुम्हें बर्बाद कर देंगे।
रिस्टोर हो गई वेबसाइट
हैक होने की कुछ देर बाद ही वेबसाइट ने पहले की तरह काम करना शुरू कर दिया है। अर्थात कुछ देर बाद यह वेबसाइट रिस्टोर हो गई। अल-फलाह को 2014 में यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला था। इसका प्रबंधन अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट करता है। इस यूनिवर्सिटी का पूरा कैंपस 70 एकड़ से अधिक जमीन पर फैला हुआ है। गौरतलब हो कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी में फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल फरीदाबाद पुलिस ने यूनिवर्सिटी में डॉ. मुजम्मिल के साथ काम करने वाले फैकल्टी मेंबर, यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से पूछताछ की है।
कौन है फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का मालिक?
फरीदाबाद के धौज में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी इससे जुड़े मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के चलते विवादों में आ गई है। अल-फलाह हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में दो डॉक्टरों में एक पर विस्फोटक रखने और दूसरे के फिदायीन बनने का शक है। इसके बाद से यह यूनिवर्सिटी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गई है। दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में 12 लोगों की मौत हुई है। इस धमाके के तार अल फलाह यूनिवर्सिटी के अरेस्ट डॉक्टरों से जुड़ रहे हैं। जांच एजेंसियों के शुरुआती निष्कर्ष में सामने आया है कि लाल किला ब्लास्ट में जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका है। इस मामले की जांच केंद्र सरकार ने एनआईए को सौंपी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मामले में दोषियों को खोज निकालने को कहा है। अल-फलाह हॉस्पिटल में डॉ. मुजम्मिल शकील से जम्मू कश्मीर पुलिस पूछताछ कर रही है। शकील के कमरे से बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट मिला है।
पुलिस ने कैसे ध्वस्त किया आतंकी मॉड्यूल
बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के कान 19 अक्टूबर को तब खड़े हुए थे, जब श्रीनगर के कुछ इलाकों में जैश ए मुहम्मद के नाम से धमकी भरे पोस्टर लगे थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक इससे जैश और अंसार गज़वत-उल-हिंद से जुड़ा एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल ध्वस्त हुआ है। गिरफ्तार आतंकियों में नौगाम के आरिफ निसार डार उर्फ साहिल और यासिर-उल-अशरफ, नौगाम के मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद, शोपियां के मौलवी इरफान अहमद, गंदरबल के ज़मीर अहमद अहंगर, पुलवामा के कोइल के डॉ. मुज़म्मिल अहमद गनाई और कुलगाम के डॉ. अदील मजीद राठर शामिल हैं। श्रीनगर, अनंतनाग, गंदरबल और शोपियां के अलावा फरीदाबाद और सहारनपुर में भी तलाशी अभियान चलाए गए। अब गृह मंत्रालय ने इसकी जांच एनआईए को सौंप दी है।