बेटे को विदेश भेजने का नाम पर 43 लाख खर्च लेकिन डेढ़ साल से बेटे से नहीं हो पा रही बात परिवार में चिंता का माहौल, एजेंटों के खिलाफ पुलिस को शिकायत
बेटे को विदेश भेजने का नाम पर 43 लाख खर्च लेकिन डेढ़ साल से बेटे से नहीं हो पा रही बात परिवार में चिंता का माहौल, एजेंटों के खिलाफ पुलिस को शिकायत

Donkey Route: हरियाणा के युवाओं में विदेश के प्रति काफी रुझान है लेकिन डोंकी के रास्ते विदेश जाना किस प्रकार से खतरनाक है इसका अंदाजा केवल इस बात से लगाया जा सकता है कि कुरुक्षेत्र जिले के एक परिवार का अपने बेटे के साथ पिछले डेढ़ साल से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस परिवार को यह भी नहीं पता कि उनका बच्चा की हालत में है। कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में सारसा गांव के किसान से एजेंटों ने उसके बेटे को अमेरिका भेजने के नाम पर 43 लाख रुपए का फ्रॉड कर लिया। एजेंट ने कनाडा का वीजा नहीं लगने पर 35 लाख रुपये में एक नंबर में अमेरिका पहुंचाने का झांसा दिया, लेकिन डेढ़ साल के बाद भी युवक का कोई अता-पता नहीं है। जिसके चलते परिवार चिंता में है। परिवार वालों का कहना है कि “एजेंट ने बेटे को सीधे अमेरिका भेजने की बात कही थी, लेकिन उनका अपने बेटे से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।”
सारसा निवासी किसान रोशन लाल ने बताया कि उसके बेटे उदय कुमार ने पीटीई का कोर्स किया था। पिछले साल जनवरी में उसने अपने पड़ोसी एजेंट बलदेव सिंह से उदय को विदेश भेजने की बात की। उससे स्टडी बेस पर कनाडा भेजने का पैकेज 25 लाख रुपए में तय हुआ। रोशन लाल ने बताया कि “बात तय होने के बाद परिवार ने उदय के सारे डॉक्यूमेंट बलदेव सिंह को दे दिए थे। इसके बाद कनाडा के लिए फाइल लगाई गई, लेकिन उसका रिफ्यूज आ गया। इसके बाद एजेंट ने उनको कहा कि कनाडा का रिफ्यूज आया है। अमेरिका जा सकता है, तो फिर उन्होंने 35 लाख रुपए में अमेरिका जाने की बात तय की। एजेंट ने कहा कि वह उनके बेटे को सीधे अमेरिका भेज देगा।” जब परिवार ने बजट की कमी बताई, लेकिन सुखबीर ने एक नंबर में अमेरिका पहुंचाने का आश्वासन दिया।
वादा किया कि बिना परेशानी के उदय को अमेरिका पहुंचा देंगे। उदय के पिता ने बताया कि “परिवार ने सोचा कि चलो अगर एक नंबर में बेटा अमेरिका जाता है, तो अच्छी बात है। परिवार ने अपने कुछ जमीन बेचकर एजेंट को पैसे दे दिए, लेकिन 2 महीने तक उसका वीजा नहीं आया। फिर परिवार ने पासपोर्ट वापस मांगना चाहा, लेकिन वह उनको उनके बेटे को अमेरिका भेजने की बात कहने लगा कि कुछ समय बाद में उसको अमेरिका में भेज दूंगा और आप सारी पेमेंट मेक्सिको जाने के बाद दे देना।” 7 अप्रैल 2024 को बलदेव और सुखबीर ने उदय को पिपली से दिल्ली एयरपोर्ट ले जाकर ब्राजील की फ्लाइट कराई। उदय एक सप्ताह तक ब्राजील में रहा। यहां पहुंचते ही आरोपी उस पर पैसे का दबाव बनाने लगे। तब उसने 16.80 लाख और 2 लाख रुपए आरोपियों को दिए।
डोंकी का खतरनाक रास्ता
जैसे-तैसे करके वह जंगल और समुद्री रास्ते से होता हुआ मेक्सिको में पहुंच गया। लेकिन वहां पर जाने के बाद एजेंट ने उनसे बात करना छोड़ दिया। वहां पर उसका खर्च उठाना भी छोड़ दिया। करीब 3 महीने तक वह मेक्सिको में रहा। जब परिवार एजेंट से फोन पर बात करना चाहता था, तो वह उनका फोन नहीं उठाता था। उनका फोन भी ब्लैक लिस्ट कर दिया गया।
ग्वाटेमाला में फंसा युवक
उदय के पिता रोशन लाल ने फोन पर बताया कि “इसके बाद परिवार ने डर के मारे गांव के ही दूसरे एजेंट रजत से संपर्क किया और फिर उसने 24 लाख रुपये में उनके बेटे को अमेरिका भेजने की बात कही। दो अन्य एजेंट जय किशन और कमल से उनको उनके गांव का एजेंट मिल गया। उनके खाते में 18 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए जबकि 6 लाख रुपये उनको नगद दे दिए, लेकिन उनके बेटे उदय को उनके द्वारा भी अमेरिका नहीं पहुंचाया गया। बल्कि वह उनको ग्वाटेमाला छोड़ आए।”
परिवार ने पुलिस को दी शिकायत
परिवार ने अपने बेटे को अमेरिका भेजने के नाम पर अभी तक 43 लाख रुपये खर्च कर दिए थे, लेकिन उसके बाद डेढ़ साल हो गया, परिवार की उनके बेटे से कोई भी बात नहीं हुई। जिसके चलते परिवार डर के माहौल में जी रहा है कि कहीं उनके बेटे के साथ वहां पर कोई अनहोनी तो नहीं हो गई। इसी के चलते अब कुरुक्षेत्र पुलिस में पीड़ित परिवार ने उनके साथ धोखाधड़ी और बेटे से संपर्क न होने की बात कह कर पुलिस में शिकायत दी है।”
उदय का वीडियो आया सामने
पीड़ित परिवार ने मीडिया को बताया कि जब उदय बीच रास्ते में था तब उसने एक वीडियो में कहा था कि “डोंकर मुझे मारते पीटते हैं। खाने को भी कुछ नहीं देते, ठंड भी इतनी ज्यादा है कि कई-कई लोगों पर एक कंबल दिया जाता है।” उन्होंने कहा कि “किसी भी तरीके से पापा मुझे यहां से निकालो मैं बहुत परेशान हूं।” लेकिन इसके बाद परिवार का उदय के साथ कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।