असम में बाढ़ का कहर, 46 हजार से अधिक लोग प्रभावित, ब्रह्मपुत्र समेत दो नदियां खतरे के निशान से ऊपर

असम में लगातार हो रही बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, मंगलवार तक राज्य के छह जिलों के 46,938 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और विश्वनाथ जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। धेमाजी जिले के सिसिबोरगांव में बाढ़ के पानी में डूबने से एक महिला की मौत हो गई, जो इस वर्ष राज्य में बाढ़ से हुई पहली मौत बताई जा रही है।
ब्रह्मपुत्र और दिसांग नदी उफान पर
राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी नेआमतीघाट और दिसांग नदी नांगलामुराघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। तेज बहाव के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बाढ़ की वजह से करीब 3,809 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जबकि 88 हजार से अधिक मवेशी, जिनमें लगभग 50 हजार बड़े पशु शामिल हैं, प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

राहत और बचाव अभियान तेज
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रही है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल के सदस्य प्रभावित जिलों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहाईं और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की और राहत कार्यों का जायजा लिया। फिलहाल चार राहत शिविरों में 450 से अधिक विस्थापित लोग रह रहे हैं, जबकि छह राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन की निगरानी जारी
राज्य सरकार ने अधिकारियों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव दल सक्रिय हैं और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। सरकार का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा।